चीन ने पार की नीचता की सारी हदें, नर चूहों से अमानवीय तरीके से पैदा करवाया बच्चा
शंघाई में नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रयोग का 'प्रजनन जीव विज्ञान पर गहरा असर' हो सकता है।
बीजिंग, जून 18: चीन दिनों दिन नीचता और अमानवीयता की अपनी ही बनाई हदों को पार करता जा रहा है। चीन ने इस बार बेहद अमानवीय तरीके से मेल चूहों से बच्चा पैदा करवाया है। चीन ने जिस क्रूरता के साथ नर चूहे से बच्चा पैदा करवाया है, उसके लिए वैज्ञानिक समुदाय में उसकी काफी आलोचना की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी वैज्ञानिकों ने एक नर चूहे को ऑपरेशन के जरिए बच्चा पैदा करवाया है। इसके लिए नर चूहे के पेट का ऑपरेशन कर उसके अंदर गर्भाशय डाला गया और फिर उसे एक मादा चूहे के साथ जोड़ दिया गया, और फिर नर चूहे ने बच्चे को जन्म दिया है।

नर चूहे ने दिया बच्चे को जन्म
शंघाई में नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रयोग का 'प्रजनन जीव विज्ञान पर गहरा असर' हो सकता है। हालांकि, शंघाई नेवल मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने यह नहीं बताया कि इंसानों के ऊपर इसका क्या असर हो सकता है, लेकिन इस अध्ययन के बाद ट्रांसजेंडर्स में गर्भाशय के प्रत्यारोपण की संभावना का पता लगाने की तरफ बढ़ाया गया एक कदम होने का दावा किया गया है। चीन के वैज्ञानिकों ने नर चूहे को प्रगनेंट करने के लिए एक नर और एक मादा चूहे को उनकी त्वचा से जोड़कर और उनके ब्लड को शेयर किया, जिसके बाद नर चूहे के पेट में गर्भाशय को प्रत्यारोपित किया और फिर नर और मादा, दोनों चूहों में भ्रूण प्रत्यारोपित किया गया।

नर चूहे के साथ क्या किया?
चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक नर चूहे के अंदर गर्भाशय प्लांट करने के बाद उसके गर्भ में 27 सामान्य भ्रूण डाले गये। 21.5 दिनों में 27 सामान्य भ्रूण में से 10 कामयाब भ्रूणों का विकास किया गया। चीनी वैज्ञानिकों की टीम ने कामयाबी के बाद कहा कि एक स्तनधारी पशु मॉडल के जरिए हमने नर प्रेगनेंसी को टेस्ट करने में कामयाबी हासिल की है, हालांकि जानवरों की सुरक्षा को लेकर काम करने वाली संस्था पेटा ने इसको लेकर आपत्ति जताई और चीनी वैज्ञानिकों के इस रिसर्च को अमानवीय और नीचता कहा है।

बेहद दर्दनाक और अमानवीय हरकत
चीनी वैज्ञानिक लंबे वक्त से चूहों पर प्रयोग कर रहे थे। पहले वैज्ञानिकों ने नर चूहों के शरीर के कुछ दूसरे हिस्से में भ्रूण प्रत्यारोपित की थी, लेकिन उन्होंने देखा कि शरीर के दूसरे हिस्से में प्रत्यारोपित करने पर भ्रूण कुछ समय के लिए ही जिंदा रह पाता है, लिहाजा चीनी वैज्ञानिकों ने 'चूहा मॉडल' तैयार किया। इसके लिए नर और मादा चूहे के शरीर को एक दूसरे से सिल दिया गया। यानि, नर और मादा चूहों को ऑपरेशन के जरिए एक साथ जोड़ दिया गया। जिसको लेकर पेटा ने कहा कि चीन के वैज्ञानिकों ने दो चूहों को ऑपरेशन के जरिए जोड़ा और लंबे समय तक उन्हें जोड़े रखा, जो काफी दर्दनाक, अमानवीय और नीचता है।

समुद्री घोड़े पर करेंगे प्रयोग
चीनी वैज्ञानिकों ने नर चूहे से बच्चा पैदा करने में कामयाबी हासिल करने के बाद कहा है कि अब वो देखना चाहते हैं कि क्या इस विधि के द्वारा समुद्री नर घोड़े भी बच्चा पैदा करने में कामयाब हो सकते हैं या नहीं। दरअसल, नर गर्भावस्था प्रकृति में एक अविश्वसनीय रूप से दुर्लभ घटना माना जाता है। इतना दुर्लभ कि सिनग्नैथिडे (मछली का एक परिवार) जिसमें समुद्री घोड़े, पाइपफिश और सीड्रैगन शामिल हैं, ये एकमात्र ज्ञात प्रजाति है, जहां पुरुष गर्भावस्था में संतान पैदा करते हैं। लिहाजा, चीनी वैज्ञानिकों की नजर अब समुद्री घोड़े पर है और अब समुद्री नर घोड़े को प्रेगनेंट करने की कोशिश चीन के वैज्ञानिक करेंगे।

चीन की अमानवीयता की निंदा
पेटा ने मेल ऑनलाइन से बात करते हुए कहा कि 'चूहों में भी इंसानों जैसा ही नर्वस सिस्टम होता है और भी इंसानों का जैसा ही दर्द, खुशी और अकेलापन महसूस करते हैं'। चीनी वैज्ञानिकों ने टीम ने इनब्रेड लुईस चूहों का इस्तेमाल अपने प्रयोग के लिए किया था। जिनका गर्भ 21 से 23 दिनों का होता है। मादा चूहों के इस ग्रुप को साधारणतया भ्रूण विकास के लिए चुना जाता है। वैज्ञानिकों ने एक एक नर चूहे में मादा चूहे का गर्भाशय प्रत्यारोपित किया था और दोनों को एक साथ जोड़कर रखा था। वहीं, प्रयोग में जिस मादा चूहे को लिया गया था, उसे पहले ही वैज्ञानिकों ने बांझ कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के वैज्ञानिकों ने 46 नर चूहों को प्रेगनेंट करने के लिए ये अमानवीय प्रयोग किया था, जिनमें से सिर्फ 10 नर चूहे की जिंदा रह पाए और एक नर चूहे ने बच्चे को जन्म दिया।












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