चीनी शोधकर्ताओं को चमगादड़ों में मिला कोरोना वायरस का नया बैच
नई दिल्ली, 12 जून: कोरोना वायरस कब और कहां से आया, इसका राज अभी भी बरकरार है। जिस वजह से वैज्ञानिक SARS-CoV-2 की जांच कर रहे हैं। इस बीच चीनी शोधकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने चमगादड़ों में कोरोना वायरस के एक नए बैच की खोज की है, जो आनुवंशिक रूप से कोविड-19 का दूसरा सबसे करीबी हो सकता है। ये शोध दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के एक छोटे से क्षेत्र में शेडोंग विश्वविद्यालय के वेइफेंग शी और उनके सहयोगियों की ओर से किया जा रहा है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि उनके अध्ययन से पता चलता है कि चमगादड़ में कितने कोरोना वायरस होते हैं और कितने लोगों में फैलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने मई 2019 और नवंबर 2020 के बीच जंगल में रहने वाले चमगादड़ों के नमूने इकट्ठे किए, जिसमें लार, मल-मूत्र का स्वैब शामिल है। जर्नल सेल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न चमगादड़ प्रजातियों से कुल 24 कोरोना वायरस जीनोम को इकट्ठा किया गया। जिसमें चार SARS-CoV-2 जैसे कोरोना वायरस शामिल हैं।
जर्नल में आगे बताया गया कि एक सैंपल (RpYN06) Horseshoe प्रजाति के चमगादड़ से लिया गया था। ये आनुवंशिक रूप से SARS-CoV-2 वायरस के समान पाया गया, जो वर्तमान महामारी का कारण बन रहा है। हालांकि, स्पाइक प्रोटीन में आनुवंशिक अंतर थे। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि जून 2020 में थाईलैंड से एकत्र किए गए SARS-CoV-2 काफी ज्यादा चमगादड़ों में फैला है। साथ ही अभी तक की जांच से ये ही पता चल रहा कि चमगादड़ ही SARS-CoV-2 की उत्पत्ति का कारण हैं।












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