पाक कुरान पर बनाया गया खास एप्लिकेशन, बौखलाए चीन ने एप्पल के खिलाफ उठाया नापाक कदम
चीन में इटरनेट पर पहले से ही कई तरह के प्रतिबंध हैं, और चीन की सरकार लगातार सख्ती बढ़ा रही है।
बीजिंग, अक्टूबर 16: पवित्र धार्मिक किताबों से चीन की कम्यूनिस्ट सरकार कितनी नफरत करती है, उसे आप चीन की सरकार द्वारा उठाए गये एक नापाक कदम से अच्छी तरह से जान लेंगे। इस्लाम के अनुयायिकों के लिए पाक कुरान का ऑडियो वर्जन अमेजन ने लॉंच किया, जिसे एप्पल ने अपने प्ले स्टोर में शामिल किया था, जिसके बाद चीन बुरी तरह से बौखला गया है।

एप्पल पर चीन का एक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन ऑडियो बुक में पाक कुरान और ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तकों को पढ़ने के लिए ऑडियो एप बनाया हुआ है, जिसे एप्पल ने अपने प्ले स्टोर में शामिल किया। लेकिन उसके बाद चीन की सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए तत्काल उन्हें हटवा दिया। यानि, अब अगर आप चीन में हैं, तो आपको एप्पल प्ले स्टोर में पाक कुरान और ईसाइयों के ग्रंथ नहीं मिलेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में इंटरनेट को लेकर काफी सख्त नियम हैं और एप्पल के ऊपर चीन ने काफी कड़े नियमों का इस्तेमाल करते हुए पाक कुरान और ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ को प्ले-स्टोर से फौरन हटवा दिया। अमेजन के 'ऑडिबल' ने एक बयान में कहा है कि, ''पिछले महीने चीन में ऐप्पल स्टोर से अपने ऐप को "परमिट आवश्यकताओं के कारण" हटा दिया था।''

पाक किताब से बौखलाया चीन
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐप्पल स्टोर पर चीन की कार्रवाई ने पवित्र पुस्तक ऐप्स को प्रभावित किया है। कुरान और बाइबल पढ़ने और सुनने के लिए ऐप बनाने वालों का कहना है कि, सरकार के सख्त आदेश के बाद ऐपल के चीन स्थित स्टोर से उनके ऐप भी हटा दिए गए हैं। हालांकि, अभी तक चीन सरकार द्वारा लिए गये एक्शन को लेकर एप्पल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। वहीं, अमेरिका में चीन के दूतावास के एक प्रवक्ता ने दोनों ऐप हटाने के बारे में बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने एक लाइन में बस ये कहा कि, चीन की सरकार ने "हमेशा इंटरनेट के विकास को प्रोत्साहित और समर्थन किया है। और चीन में इंटरनेट के विकास को भी चीनी कानूनों और विनियमों का पालन करना चाहिए।"

चीन में इंटरनेट पर भारी सख्ती
चीन की सरकार ने लंबे समय से ऑनलाइन इनफॉर्मेशन के प्रवाह को नियंत्रित करती रही है और चीन में इटरनेट को लेकर काफी सख्त कानून हैं। लेकिन, चीन में लगातार जिस तरह से इंटरनेट पर सेंसरशिप की जा रही है, उसकी वजह से अब टेक कंपनियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चीनी रेगुलेटर्स ने इस साल डेटा प्राइवेसी रिस्ट्रिक्शन को मजबूत करने और बच्चों के वीडियो गेम खेलने के समय को सीमित करने की मांग की है। पिछले दिनों अमेरिकी भाषा सिखाने वाला लोकप्रिय मोबाइल एप्लिकेशन 'डुओलिंगो' भी एप्पल प्ले स्टोर से गायब करवा दी गई थी।

कुरान एप पर प्रतिबंध पर बयान
कुरान मजीद ऐप बनाने वाली पाकिस्तान डेटा मैनेजमेंट सर्विसेज ने चीन सरकार द्वारा उठाए गये इस कदम पर कहा है कि, वो चीन के इंटरनेट प्राधिकरण से इस बारे में और जानकारी का इंतजार कर रही है कि इसे कैसे बहाल किया जा सकता है। कराची स्थित कंपनी ने कहा कि, ऐप के चीन में लगभग 10 लाख और दुनिया भर में लगभग 40 लाख यूजर्स हैं। कंपनी के ग्रोथ एंड रिलेशनशिप्स के प्रमुख हसन शफीक अहमद ने कहा कि, जिन लोगों ने पहले ही ऐप डाउनलोड कर लिया था, वे अब भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक ईमेल में कहा कि, "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीनी अधिकारियों से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए कौन से दस्तावेज की आवश्यकता है ताकि ऐप को बहाल किया जा सके।" वहीं, बाइबिल एप बनाने वाली कंपनी ने कहा कि, वो चीन सरकार के इस सख्त कदम की समीक्षा कर रहे हैं।












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