Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'ताइवान हमेशा से चीन का था, हमें एक होने से कोई नहीं रोक नहीं सकता', चीनी राजदूत की चेतावनी से मचा हडकंप

Chinese ambassador warning: अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को शनिवार को अरेस्‍ट कर लिया। इस घटना से वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ा और चीन-अमेरिका संबंधों पर सीधा असर पड़ा है। इसके बाद अमेरिका को सबसे बड़ा डर है कि चीन ताइवान पर सैन्य कार्रवाई कर सता रहा है। इस डर के बीच भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने ताइवान को लेकर चीन के कड़े और स्पष्ट रुख को दोहराया है।

चीनी राजदूत शू ने कहा, "ताइवान प्राचीन काल से चीन का हिस्सा रहा है, और वह कभी स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र नहीं रहा। राजदूत ने जोर देकर कहा कि ताइवान का चीन में दोबारा एकीकरण निश्चित है तथा "हमें एक होने से कोई नहीं रोक सकता।"

Chinese ambassador warns

फेइहोंग ने बताया कि अक्टूबर 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) ने रिपब्लिक ऑफ चाइना सरकार का स्थान लेकर पूरे चीन की एकमात्र वैध सरकार का पद संभाला। सरकार बदलने पर भी, अंतरराष्ट्रीय कानून में चीन की स्थिति वही रही। पीआरसी चीन की पूर्ण संप्रभुता का प्रयोग करती है, जिसमें ताइवान भी शामिल है।

ताइवान चीन का है और रहेगा

राजदूत ने कहा लंबे गृहयुद्ध और बाहरी हस्तक्षेप से ताइवान जलडमरूमध्य में राजनीतिक टकराव जारी है। फिर भी, चीन की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और ताइवान का चीनी क्षेत्र के रूप में दर्जा कभी नहीं बदला है और न ही बदल सकता है।

"ताइवान हमेशा से चीन का था, हमें एक होने से कोई नहीं रोक नहीं सकता"

चीनी राजदूत ने स्पष्ट किया कि ताइवान न अतीत में, न वर्तमान में और न ही भविष्य में कभी स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र रहा है। चीनी राजदूत ने दृढ़तापूर्वक घोषित किया कि ताइवान में सत्तारूढ़ डीपीपी प्रशासन चाहे कोई भी बयान दे या कोई भी कदम उठाए, चीन का दोबारा एकीकरण होना तय है। उन्होंने दोहराया कि ताइवान हमेशा से चीन का था, हमें एक होने से कोई नहीं रोक नहीं सकता

ताइवान की खासियत

ताइवान एक तकनीकी रूप से अत्यंत विकसित द्वीप है, जो खासकर सेमीकंडक्टर (चिप) उद्योग के लिए विश्व-प्रसिद्ध है। TSMC जैसी कंपनियाँ दुनिया की सबसे एडवांस चिप्स बनाती हैं। यहाँ मजबूत अर्थव्यवस्था, लोकतांत्रिक व्यवस्था, उच्च शिक्षा स्तर और आधुनिक सेना है। इसकी भौगोलिक स्थिति भी रणनीतिक है, क्योंकि यह दक्षिण चीन सागर और प्रशांत क्षेत्र के बीच स्थित है।

ताइवान पर किसका कब्जा है?

वर्तमान में ताइवान पर Republic of China (ROC) की सरकार का वास्तविक (de facto) नियंत्रण है। ताइवान की अपनी सरकार, सेना, मुद्रा और कानून हैं। हालांकि अधिकांश देश औपचारिक रूप से इसे स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देते, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह एक अलग देश की तरह काम करता है।

चीन किस आधार पर ताइवान पर दावा करता है

चीन का कहना है कि ताइवान ऐतिहासिक रूप से उसका हिस्सा रहा है और वह "One China Policy" के तहत ताइवान को अपना अविभाज्य अंग मानता है। 1949 में चीनी गृहयुद्ध के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्य भूमि चीन पर कब्जा कर लिया, जबकि पुरानी सरकार ताइवान चली गई। इसी इतिहास के आधार पर चीन ताइवान को "विद्रोही प्रांत" मानता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+