20 लाख सैनिक, 500 परमाणु बम... दुनिया का दादा बनने की शी जिनपिंग के प्लान का खुलासा, जानिए क्या करेगा चीन?
China Global Domination Plan: इस वक्त जब यूरोप में यूक्रेन संघर्ष और मिडिल ईस्ट में इजराइल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है, उस वक्त चीन तुफानी रफ्तार से अपनी विशाल सेना का निर्माण कर रहा है, जो अब दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रहा है।
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग अपनी सेना और परमाणु शस्त्रागार के साथ अपनी पूरी ताकत दिखाने की क्षमता में तूफानी रफ्तार से तेजी ला रहा है और वैश्विक प्रभुत्व बनाने की कोशिश कर रहा है।

शी जिनपिंग, जिन्हें कई लोग माओत्से तुंग के बाद चीन का सबसे शक्तिशाली नेता मानते हैं, उन्होंने देश पर सख्ती से शासन किया है और जो भी उनके शासन की आलोचना करता है, उसे कालकोठरी में डाल दिया जाता है। शी जिनपिंग के खतरनाक कम्युनिस्ट शासन ने नए हथियारों के विकास में अरबों डॉलर खर्च किए हैं।
यूके के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के मुताबिक, पिछले साल चीन का रक्षा बजट 175 अरब पाउंड (₹18.30 लाख करोड़) था और चीन ने अपने बेड़े में 20 लाख सक्रिय सैनिकों को शामिल कर लिया है और इसके साथ ही चीन ने दुनिया की सबसे बड़ी आर्मी तैयार कर ली है।
अमेरिका के पास लगभग 13 लाख सक्रिय रिजर्व फोर्स है।
चीन के पास होंगे 500 परमाणु हथियार
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के पास अब 500 परमाणु हथियार हो सकते हैं, और चीन अपने परमाणु हथियार के बेड़े को और तेजी के साथ विस्तार दे रहा है। अमेरिका और रूस, दोनों के पास 5,000 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है, कि ज्यादा हथियार विकसित करने के लिए बीजिंग की धन लगाने की क्षमता का मतलब है, कि कोई छिपा हुआ खतरा है और शी जिनपिंग, कोई सीक्रेट लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में हैं।
IISS में चीन विशेषज्ञ मीया नूवेन्स के मुताबिक, चीनी सैन्य ताकत को देखते हुए पश्चिम अपने युद्ध शस्त्रागार को मजबूत करने पर विचार करेगा। हालांकि, कुछ पश्चिमी देशों को डर है, कि वे चीनी युद्ध मशीन की बराबरी नहीं कर पाएंगे।
नोवेन्स ने कहा, कि पश्चिम में अपनी क्षमताओं को लेकर असुरक्षा की भावना है, अगर वास्तव में ऐसा नहीं है, तो चीन का प्लान कुछ और हो सकता है।
पिछले साल पेंटागन की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि कम्युनिस्ट राष्ट्र अगले छह वर्षों में अपने परमाणु शस्त्रागार को दोगुना करने की योजना बना रहा है, और उसके पास दुनिया को 10 बार नष्ट करने के लिए पर्याप्त परमाणु हथियार हो सकते हैं।
रिपोर्ट से पता चला है, कि बीजिंग के पास ईरान, रूस और सऊदी अरब सहित सहयोगी भी हैं, और वह इन देशों के शक्तिशाली नेताओं के साथ संबंध मजबूत करके अपने परमाणु और सैन्य शस्त्रागार को बढ़ा सकता है।
उप्साला विश्वविद्यालय में शांति और सुरक्षा के प्रोफेसर अशोक स्वैन ने वेबसाइट को बताया कि चीन के पास पश्चिम या रूस की तुलना में कम परमाणु हथियार हो सकते हैं, लेकिन वह निश्चित रूप से ज्यादा शक्तिशाली परमाणु बम विकसित कर रहा है और अपनी डिलिवरी सिस्टम को आधुनिक कर रहा है।
IISS के सिक्योरिटी एक्सपर्ट रॉबर्ट वॉल स्वैन ने कहा कि कुछ पश्चिमी देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी स्पीड काफी कम है और इसका लक्ष्य चीन के बजाय रूस है।
उन्होंने कहा, कि चीनियों ने जमीन, हवा और समुद्र में अपने हथियारों का आधुनिकीकरण किया है और पहले रूस और फिर अमेरिका की बराबरी करने में सालों तक काम किए हैं। पिछले साल, पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था, कि शी जिनपिंग जितने खतरनाक है, उस तुलना में व्लादिमीर पुतिन उनके आसपास भी नहीं ठहरते हैं।
यह भविष्यवाणी करते हुए, कि चीन की वायु शक्ति और अंतरिक्ष तकनीक, संभावित रूप से अगले 10-15 वर्षों में अमेरिका से आगे निकल सकती है, स्वैन ने कहा, कि बीजिंग के ऊर्जा हथियार पश्चिम के उपग्रहों को नष्ट या क्षतिग्रस्त करके उन्हें नाकाम बनाने की क्षमता हासिल कर सकते हैं।

ताइवान को छीनना है शी जिनपिंग का मकसद
यह कोई रहस्य नहीं है, कि चीन ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है और जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक इस पर कब्जा करने की घोषणा कर चुका है। यह द्वीप, जो 1949 में मुख्य भूमि चीन से अलग हो गया था, स्वयं को एक स्वशासित राष्ट्र के रूप में दावा करता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जिनपिंग ताइवान को पश्चिमी समर्थन से काटने के लिए नाकेबंदी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जब तक कि वह चीनी ताकत के सामने आत्मसमर्पण नहीं कर देता। बीजिंग ने ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में उड़ानें और सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
ताइवान की लड़ाई से अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिनपिंग ने अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2027 तक ताइवान पर कब्जा करने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है।












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