China: भड़भड़ाकर गिरा चीन का रियल एस्टेट सेक्टर, शी जिनपिंग के फूले हाथ पांव, मिडिल क्लास ने दिखाए तारे
China's real estate: शी जिनपिंग की बेकार आर्थिक नीतियों ने चीन के रिएल एस्टेट सेक्टर को तबाह कर दिया है और मिडिल क्लास ने देश की तानाशाह कम्युनिस्ट सरकार को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां से देश की दुर्दशा शुरू होती है।
सिचुआन प्रांत के चेंग्दू में साउथवेस्टर्न यूनिवर्सिटी ऑफ फाइनेंस एंड इकोनॉमिक्स ने एक स्टडी रिपोर्ट में दावा किया है, कि खर्च को बढ़ावा देने किए शी जिनपिंग के कम्युनिस्ट शासन ने कई कदम उठाए हैं, बावजूद इसके चीनी मिडिल क्लास की रिएय एस्टेट में इन्वेस्ट करने की हिम्मत नहीं हो रही है।

गुरुवार को जारी साउथवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में घरेलू संपत्ति और इनकम को लेकर किए गये त्रामैसिक सर्वे से पता चला है, कि चीनी मिडिल क्लास ने भविष्य में खर्चों का जो अनुमान लगाया है, उसमें भारी गिरावट देखी गई है, 2023 की चौथी तिमाही के मुकाबले, 2024 की पहली तिमाही में भविष्य में की जाने वाली खर्च की संभावना में 103.0 से गिरकर 101.9 हो गई है।
ये सर्वे इस आधार पर किया गया है, कि मिडिल क्लास की आने वाले महीनों में खर्च करने का प्लान क्या है।
मौजूदा इंडेक्स, कोविड-19 आने के बाद जो सर्वेक्षण किए गये थे, उसकी तुलना में भी कम है। 2020 की दूसरी तिमाही में ये इंडेक्स 102.6 को पार कर गया था। ये स्टडी मिडिल क्लास की औसत संयुक्त संपत्ति और करीब 15 लाख यूआन की संपत्ति (2 लाख डॉलर से थोड़ा ज्यादा) वाले परिवारों के बीच किया गया है।
चीन की सरकार ने देश के मिडिल क्लास की तरफ से किए जाने वाले खर्च को प्राथमिक माना था और खर्च को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए थे, लेकिन सर्वे से पता चला है, कि मिडिल क्लास ने टूरिज्म और एंटरटेनमेंट को लेकर किए जाने खर्च में भी भारी कटौती की है। यानि, मिडिल क्लास वित्तीय खर्च पर लगाम लगा चुका है, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर तौर पर पड़ा है।
इस स्टडी में पाया गया है, कि अचल संपत्ति (जैसे प्रॉपर्टी) खरीदने में लोगों की दिलचस्पी काफी ज्यादा गिर गई है और 2024 की पहली तिमाही में सिर्फ 6.4 प्रतिशत परिवारों ने ही नए घर खरीदे हैं, जो ठीक पिछली तिमाही में 7.5 प्रतिशत से कम है। इसके अलावा, सिर्फ 6.8 प्रतिशत लोगों ने ही अगले तीन महीनों में संपत्ति खरीदने के अपने प्लान के बारे में बताया है, जबकि 20.1 प्रतिशत ने 'प्रतीक्षा करो और देखो' का नजरिया अपनाया है।
और मिडिल क्लास की निराशा देश की नेशनल स्टैटिक्स ब्यूरो की रिपोर्ट में भी देखी गई है, जिसमें कहा गया है, कि 2024 के पहले चार महीनों के दौरान निवेश में साल-दर-साल 9.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, सर्वे में शी जिनपिंग के लिए अच्छी बात ये है, कि लोगों में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर उम्मीदें फिर से लौटने लगी हैं, लेकिन नौकरी की स्थिरता और घरेलू कर्ज को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं, खासकर कम इनकम वाले लोगों में चिंताएं काफी बनी हुई हैं।
दरअसल, चीन में विकास के नाम पर अंधाधुंध तरीके से घर बनाए गये। हर एक प्रांत में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के नाम पर सैकड़ों ऐसे प्रोजेक्ट्स में अरबों डॉलर बहाए गये, जिन प्रोजेक्ट्स की कोई जरूरत ही नहीं थी, जिसका असर अब दिख रहा है और चीन की राज्य सरकारें ऋण के बोझ में दब गई हैं।
विकास के नाम पर करोड़ों घर बना दिए गये, लेकिन उन घरों को खरीदने वाले लोग ही नहीं है, जिससे प्रॉपर्टी व्यवसाय में शामिल कंपनियां बैंकों का कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गये हैं। कुछ महीने पहले ही चीन की मशहूर रिएय एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है और कई और कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए लाइन में लगी हैं।
शी जिनपिंग के प्रशासन के लिए सबसे डरावनी बात ये है, कि देश की अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट का योगदान 50 प्रतिशत से ज्यादा है और ऐसी स्थिति में मिडिल क्लास की निराशा, देश की अर्थव्यवस्था को ही डूबो सकती है।












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