Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मोदी 3.0 में चीन के साथ कैसे होंगे भारत के रिश्ते? चीन के ग्लोबल टाइम्स ने Exit Poll को लेकर लिखा लेख

Global Times on Indian Exit Poll: भारत में मैराथन इलेक्शन के बाद अब रिजल्ट की बारी है और कल सुबह 8 बजे से भारतीय चुनाव आयोग चुनाव के नतीजों को जारी करना शुरू करेगा। लेकिन, आखिरी चरण के चुनाव के बाद आए Exit Poll में नरेन्द्र मोदी की सत्ता में वापसी की संभावनाएं जताई गईं हैं।

जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा है, कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घरेलू और विदेशी नीतियां निरंतरता बनाएगी रखेंगी, क्योंकि उनकी कोशिश देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयासों में लगे रहने की उम्मीद है।

Global Times on Indian Exit Poll

भारत में हुए चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल पर ग्लोबल टाइम्स ने अपने लेख में उम्मीद जताई है, कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत और चीन के रिश्ते अच्छे होंगे और दोनों देश आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए काम करेंगे।

ग्लोबल टाइम्स के लेख में क्या है?

ग्लोबल टाइम्स की लेख में चीनी एक्सपर्ट्स ने द्विपक्षीय संबंधों को स्वस्थ और स्थिर विकास के ट्रैक पर वापस लाने के लिए मतभेदों को दूर करने के लिए खुले संचार को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, कि "19 अप्रैल को शुरू हुए मैराथन आम चुनाव शनिवार को समाप्त हो गए, और भारत की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली NDA को लेकर 12 एग्जिट पोल ने बड़ी जीत की भविष्यवाणी की है।"

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, कि "हालांकि एग्जिट पोल हमेशा सटीक नहीं होते, लेकिन 73 साल के मोदी और उनकी पार्टी भाजपा के लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में बने रहने की व्यापक संभावना है। देश में वास्तविक चुनावी परिदृश्य मंगलवार को स्पष्ट हो जाएगा, जब भारत का चुनाव आयोग आधिकारिक चुनाव परिणामों की घोषणा करने वाला है।"

लेख में चीनी विश्लेषकों का मानना ​​है, कि यदि मोदी जीतते हैं, तो देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद तीसरी बार सत्ता में आने वाले दूसरे भारतीय नेता होंगे, तो मोदी की समग्र घरेलू और विदेश नीतियों में मजबूत निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है, और इसमें महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना कम है।

ग्लोबल टाइम्स में सिंघुआ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में रिसर्च विभाग के डायरेक्टर कियान फेंग ने रविवार को लिखा है, कि "मोदी भारत के लिए निर्धारित घरेलू और विदेश नीति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे, जिसमें उनका मुख्य ध्यान कुछ वर्षों में देश को अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने पर होगा।"

इसके अलावा, कियान ने कहा कि "मोदी के रणनीतिक दृष्टिकोण में कूटनीतिक रास्तों से भारत के वैश्विक प्रभाव को बढ़ाने का निरंतर प्रयास भी शामिल है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी भारत को एक अग्रणी शक्ति बनाना चाहते हैं।"

चीन-भारत संबंधों के बारे में चीनी विशेषज्ञों का कहना है, कि "मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान आई असफलताओं के बावजूद, यदि वे पद पर बने रहते हैं, तो चीन और भारत के बीच टकराव बढ़ने की संभावना कम है।"

फूडन विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई स्टडी केंद्र के उप निदेशक लिन मिनवांग ने ग्लोबल टाइम्स के लेख में कहा है, कि "चीन के जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अमेरिकी सहयोगियों सहित कई देशों के साथ संबंध अब सुधर रहे हैं। इसके मद्देनजर भारत यह सवाल उठा सकता है, कि चीन-भारत संबंधों में अब तक सुधार के कोई संकेत क्यों नहीं दिख रहे हैं।"

इसके अलावा, ग्लोबल टाइम्स ने इसी साल अप्रैल में अमेरिकी पत्रिका न्यूज़वीक के साथ प्रधानमंत्री मोदी के एक स्पेशल इंटरव्यू का जिक्र किया है, जिसमें मोदी ने कहा था, कि "भारत के लिए चीन के साथ संबंध महत्वपूर्ण और सार्थक हैं।" उन्होंने कहा, कि भारत और चीन को "अपनी सीमाओं पर लंबे समय से चली आ रही स्थिति को तत्काल हल करने की आवश्यकता है, ताकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों में असामान्यता को पीछे छोड़ा जा सके।" मोदी ने यह भी कहा था, कि "भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं।"

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, कि "चीनी पक्ष, भारत के साथ संबंधों को सक्रिय रूप से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, उसका मानना ​​है, कि स्थिर द्विपक्षीय संबंध बनाए रखना दोनों पक्षों के हित में है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर भारत, प्रधानमंत्री मोदी के अगले कार्यकाल में चीन के साथ मिलकर काम कर सकता है, तो इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।"

लिन मिनवांग आगे कहा, कि "भारत के लिए यह आवश्यक है, कि वह चीन-भारत संबंधों के प्रति रणनीतिक दृष्टिकोण बनाए रखे और वार्ता और संचार के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने के लिए चीन के साथ सहयोग करे, ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों को स्वस्थ और स्थिर विकास के पथ पर वापस लाने के प्रयास किए जा सकें।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+