चीनी राष्ट्रपति के 'सफेद झूठ' में फंसे अमेरिकी उद्योगपति, खड़े होकर खूब बजाई ताली, जिनपिंग ने ऐसा क्या कहा?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका में एक और बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा है कि चीन ने स्थापना से लेकर आज तक किसी विदेशी जमीन के एक इंच पर भी कब्जा नहीं किया है। चीनी राष्ट्रपति ने ये भी कहा है कि चीन की वजह से आज तक किसी जंग की शुरुआत नहीं हुई।
चीनी राष्ट्पति शी जिनपिंग एशिया-पैसेफिक इकोनॉमिक को-ऑपरेशन (APEC) समिट के लिए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में मौजूद हैं। इस दौरान अमेरिका-चीन बिजनेस काउंसिल के एक डिनर में उन्होंने ये बात कही।

जिनपिंग ने बिजनस काउंसिल के डिनर में बैठे उद्योगपतियों से कहा कि चीन चाहे विकास के किसी भी स्तर तक पहुंचे हम कभी भी किसी पर कब्जे की कोशिश नहीं करेंगे। न ही हम कभी भी दूसरों पर अपनी मर्जी नहीं थोपेंगे। चीन कभी किसी जंग में उलझना नहीं चाहता है और न ही कभी अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है।
अमेरिका-चीन के रिश्तों पर बात करते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया को जरूरत है कि चीन और अमेरिका मिलकर काम करें। हमें किसी खतरे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अपने फायदे और चीन के नुकसान के लिए काम करना गलत है। जिनपिंग ने ये विश्वास दिलाने की कोशिश की कि चाहे दुनिया में कोई भी बदलाव आए, लेकिन अमेरिका-चीन के बीच शांतिपूर्ण रिश्ते कभी नहीं बदलेंगे।
जिनपिंग ने बिजनेस काउंसिल से आगे कहा कि चीन कभी अमेरिका के खिलाफ काम नहीं करता है। हमारा मकसद अमेरिका को चुनौती देना या उसकी जगह लेना नहीं है। हमें एक ऐसे अमेरिका को देखकर बेहद खुशी होगी, जिसमें आत्मविश्वास है और जो लगातार विकास कर रहा है। इसी तरह अमेरिका को भी चीन के अंदरूनी मानलों में दखल नहीं देना चाहिए। हमें मिलकर एक शांति, स्थिर और समृद्ध चीन का स्वागत करना होगा।
एप्पल के मुख्य कार्यकारी टिम कुक, टेस्ला के प्रमुख एलोन मस्क और ब्लैकस्टोन के स्टीव श्वार्ज़मैन 16 नवंबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा के लिए सैन फ्रांसिस्को में आयोजित भव्य रात्रिभोज में मेहमानों में शामिल थे।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि रात्रिभोज के दौरान, शी जिनपिंग ने जब अपनी बात खत्म की वहां पर मौजूद बिजनेस पर्सन कुक और श्वार्ज़मैन सहित अन्य कॉर्पोरेट हस्तियों से खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि व्यापार जगत की प्रमुख हस्तियों का यह उत्साहपूर्ण स्वागत चीनी राष्ट्रपति के प्रति उनके समर्थन को दर्शाता है, जिसे दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ने पर महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
हालांकि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कथनी और चीन की करनी में काफी फर्क है। सच्चाई ये है कि चीन का कई देशों से जमीन के कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। इसी साल अगस्त में चीन ने अपने आधिकारिक नक्शे में अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चिन, ताइवान और साउथ-चाइना सी को अपना इलाका बताया था।
इससे पहले चीन ने अप्रैल 2023 में अपने नक्शे में अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों का नाम बदल दिया था। चीन का ताइवान और साउथ चाइना सी को लेकर फिलिपीन्स, वियतनाम, मलेशिया से भी विवाद रहता है। एक इलाके को लेकर चीन और रूस का भी विवाद है लेकिन फिलहाल कुछ सालों से उस पर शांति बनी हुई है।












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