चीन के लिए स्‍पेस से आई बुरी खबर, स्पेस लैब Tiangong-1 की होगी क्रैश लैंडिंग

नई दिल्ली। चीनी स्पेस लैब Tiangon-1 जिसे साल 2011 में लॉन्च किया गया था वो इस साल मार्च में पृथ्वी से टकरा कर क्रैश लैंडिंग कर सकता है। समाचार संस्था CNN के अनुसार इस लैब पर चीनी वैज्ञानिकों का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है हालांकि यह नहीं बताया जा सकता कि यह क्रैश लैंडिंग कहां होगी।

चीन के दावे पर उठे सवाल

चीन के दावे पर उठे सवाल

इस स्पेस लैब की क्रैश लैंडिंग के चलते चीन के उस दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं जिसमें चीन खुद को स्पेस का सुपर पॉवर बताता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्पेस लैब का मलबा शायद ही किसी इंसान पर गिरे और यह कोई बड़ा खतरा नहीं है। फिर भी स्पेस लैब जैसी बड़ी चीजों को पृथ्वी पर अनियंत्रित होकर गिरना नहीं चाहिए।

जल जाएगा स्पेस लैब

जल जाएगा स्पेस लैब

फिलहाल संभावना है कि पृथ्वी के वायुमंडल में आते ही स्पेस लैब जल जाएगा और उसके मलबे समुद्र में डूब जाएंगे। वैज्ञानिकों का मानना है कि उस वक्त बुरी स्थिति होगी स्पेस लैब की क्रैश लैंडिंग आबादी वाले क्षेत्र में हो, जिससे क्षति हो सकती है। हालांकि बीते 60 सालों में ऐसा नहीं हुआ है। (तस्वीर में Tiangong-2 के यात्री)

यह है चीन का मकसद

यह है चीन का मकसद

Tiangong-1 यानी स्वर्ग का महल, को साल 2011 के सितंबर में लॉन्च किा गया था। 16 मार्च 2016 को इसने काम करना बंद किया। चीन का मकसद है कि साल 2022 तक स्पेस में 20 टन का स्पेस स्टेशन स्थापित कर सके। बता दें कि Tiangong -1 के ऑफ होने के बाद 6 महीने के बाद Tiangong -2 को स्थापित किया गया। हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के एक खगोल भौतिकीविद जोनाथन मैकडोवेल ने कहा कि, 'वास्तविक खतरा बहुत कम है।' (Tiangong-2 की तस्वीर)

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