ChatGPT से बुरी तरह डरा चीन, कंपनियों को दे दिया आखिरी निर्देश- अमेरिकी हवा फैला रहा, तुरंत बंद करो
चीन में टेन्सेंट, अलीबाबा और बाइदू जैसी कंपनियां अपने चैटबॉट लाने की तैयारी में हैं। बाइदू ने अपने चैटबॉट को ‘अर्नी बॉट’ नाम से लाने की घोषणा की है। चीन में लाए जाने वाले चैटबॉट्स की प्रोग्रामिंग अलग ढंग की जाएगी।

Image: Oneindia
ChatGPT को टेक इतिहास की सबसे बड़ी क्रांतियों में से एक बताया जा रहा है। लांच होने के बाद से ही पूरी दुनिया में इसे लेकर बातें हो रही हैं। इस बीच चीन इस एआई चैटबॉट से इतना डर गया है कि वह इस पर अंकुश लगाने में जुट गया है। चीन में इंटरनेट कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ChatGPT की सेवाएं न दें। चीन सरकार का मानना कि इस चैटबॉट की प्रोग्रामिंग इस तरह की गई है, कि यह बिना सेंसर किए जवाब दे रहा है।
पश्चिमी नजरिए से जवाब देता है ChatGPT
चीन का ये आरोप है ये चैटबॉट पश्चिमी नजरिए से जवाब देता है, जो कि उनके लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। चीन में टेन्सेंट होल्डिंग्स और अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग के फिनटेक सहयोगी एंट ग्रुप जैसी कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे किसी तीसरे पक्ष को भी अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ना करने दें, जो ChatGPT की सेवाएं देता हो। आपको बता दें कि चीन की कुछ बड़ी कंपनियों ने अपना खुद के चैटबॉट पर काम शुरू कर दिया है लेकिन अब सरकार ने कहा है कि इन चैटबॉट्स को लांच करने से पहले उनकी सूचना संबंधित सरकारी विभाग को देना जरूरी होगा।
VPN की मदद से चीन में चल रहा ChatGPT
आपको बता दें कि ChatGPT को अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी OpenAI ने नवंबर में लॉन्च किया था। इस कंपनी में माइक्रोसॉफ्ट ने अरबों का निवेश किया है। अपने सटीक जवाब देने की योग्यता ने ChatGPT को दुनिया भर में मशहूर बना दिया है। ऐसे में इसकी लोकप्रियता सरहदों को पार कर चीन तक भी पहुंच गई है। आपको बता दें कि चीन में आधिकारिक तौर पर ChatGPT उपलब्ध नहीं है। लेकिन कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ता वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग करके इसका खूब उपयोग कर रहे हैं। इस बीच इस चैटबॉट की नकल कर कई कंपनियों ने ऐसी ही सेवाएं देने वाले अपने एप या वेबसाइट लॉन्च कर दी हैं।
पहले भी लग चुके हैं प्रतिबंध
Tencent के WeChat नामक सोशल मीडिया ऐप पर तीसरे पक्ष के डेवलपर्स द्वारा दर्जनों मिनी प्रोग्राम भी जारी किए गए हैं जो ChatGPT की सेवा देने का दावा करते हैं। हालांकि ताजा सरकारी आदेश के बाद अब इन पर रोक लगा दी जाएगी। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब चीन में विदेशी एप्लिकेशन को ब्लॉक किया गया है। चीन ने 2009 और 2010 के बीच दर्जनों अमेरिकी वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसमें Google, Facebook, YouTube और Twitter जैसी बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं। साल 2018 और 2019 के बीच, चीन ने Reddit और Wikipedia पर भी प्रतिबंध लगा दिया।
सरकार विरोधी सूचना फैला सकता है ChatGPT
वेबसाइट निक्कईएशिया पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक ChatGPT को लेकर चीन के सरकारी विभागों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही थी। बीते सोमवार को चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि इस चैटबॉट के जरिए सरकार विरोधी सूचनाएं फैलाने वालों को मदद मिल सकती है। साथ ही वैश्विक घटनाओं के बारे में तोड़-मरोड़ कर पेश किए पश्चिमी नैरेटिव्स को चीनी समाज में फैलाया जा सकता है, जिससे अमेरिका को मदद मिल सकती है।
चीन सरकार को ChatGPT का खौफ
इस बीच चीन में टेक उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्हें ताजा सरकारी आदेश पर कोई हैरत नहीं हुई है। एक प्रमुख चीनी टेक कंपनी के अधिकारी ने वेबसाइट निक्कईएशिया से कहा- 'यह हमें शुरू से ही मालूम था कि चीन में कभी भी ChatGPT जैसी चीजों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सेंसरशिप की नीति के कारण चीन अपने लोगों के लिए खुद का ChatGPT का कोई नकल लांच करेगा।'
टेक कंपनी भी डरीं
एक दूसरी कंपनी के अधिकारी ने कहा कि सरकारी आदेश जारी न भी होता तो भी उनकी कंपनी ChatGPT का इस्तेमाल करने की सुविधा नहीं देती। अधिकारी ने कहा- 'इसकी प्रतिक्रिया बेकाबू है। यह स्वाभाविक है कि कुछ लोग चैटबॉट से राजनीतिक रूप से संवेदनशील सवाल पूछेंगे। जबकि ऐसे सवालों और उन पर चैटबॉट के जवाब के लिए जिम्मेदार कंपनी को ठहराया जाएगा।'
चीनी सरकार के मुताबिक देंगे जवाब
ChatGPT पर चीन का दबदबा ऐसे समय में आया है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। चीन में टेन्सेंट, अलीबाबा और बाइदू जैसी कंपनियां अपने चैटबॉट लाने की तैयारी में हैं। बाइदू ने अपने चैटबॉट को 'अर्नी बॉट' नाम से लाने की घोषणा की है। समझा जाता है कि चीन में लाए जाने वाले चैटबॉट्स की प्रोग्रामिंग अलग ढंग से होगी, इसलिए राजनीतिक सवालों के वे चीन सरकार की नीति के मुताबिक जवाब ही देंगे।












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