China Taiwan War: किसी भी वक्त चीन कर सकता है ताइवान पर हमला! फ्लाइट्स रद्द, कई इलाकों में अलर्ट
China Taiwan War: चीन ने ताइवान के आसपास लाइव-फायर मिलिट्री ट्रेनिंग शुरू कर दी है। इन ट्रेनिंग का मकसद ताइवान के रणनीतिक और महत्वपूर्ण बंदरगाहों की घेराबंदी की ट्रेनिंग करना बताया जा रहा है। चीन की इस नई सैन्य गतिविधि से पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इसका असर सिर्फ सैन्य हालात तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
हाई अलर्ट पर ताइवानी आर्म्ड फोर्सेस
इन सैन्य अभ्यासों की वजह से हवाई यात्रा में भारी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ताइवान के आसपास की स्थिति अब पहले से कहीं ज्यादा संवेदनशील हो गई है।

PLA ईस्टर्न थिएटर कमांड ने जारी किए वीडियो
चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ताइवान के दक्षिण-पूर्वी समुद्री क्षेत्र में हो रहे ट्रेनिंग के वीडियो फुटेज जारी किए हैं। इन वीडियो में Amphibious assault ships पर तैनात हेलीकॉप्टरों को मिलिट्री ट्रेनिंग करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ है कि चीन समुद्र और हवा दोनों से दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
ताइवान ने दर्ज की चीनी सैन्य गतिविधियों में तेज़ी
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान ने अपने आसपास के हवाई और समुद्री इलाकों में चीनी सैन्य गतिविधियों में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की है। यह संकेत देता है कि यह ट्रेनिंग सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर रणनीतिक तैयारी का हिस्सा हैं।
एक दिन में दिखे रिकॉर्ड तोड़ चीनी विमान
ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को ताइवान के पास 89 चीनी सैन्य विमान, 28 युद्धपोत और तटरक्षक जहाज एक्टिव पाए गए। यह संख्या 15 अक्टूबर 2024 के बाद किसी एक दिन में देखी गई चीनी विमानों की सबसे बड़ी तैनाती है, जो हालात की गंभीरता को साफ दिखाती है।
हवाई क्षेत्र रहेगा सख्त प्रतिबंधों में
ताइवान के विमानन अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इन सैन्य अभ्यासों की वजह से मंगलवार को हवाई क्षेत्र और कई फ्लाइट रूट्स पर सख्त प्रतिबंध रहेंगे। इससे नागरिक उड्डयन में बड़े पैमाने पर बाधा आने की आशंका जताई गई है।
एक लाख से ज्यादा यात्री होंगे प्रभावित
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि इन सैन्य गतिविधियों की वजह से मंगलवार को 1,00,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय यात्री और लगभग 6,000 घरेलू हवाई यात्री प्रभावित होंगे। यह हालात दिखाते हैं कि सैन्य तनाव का असर आम लोगों की आवाजाही पर कितना गहरा पड़ रहा है।
उड़ानों को डायवर्ट करने की तैयारी
अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को खतरनाक क्षेत्रों से मोड़ा जाएगा या उनके लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए जाएंगे। इसका मकसद यह है कि सामान्य यात्रा कार्यक्रम पर कम से कम असर पड़े।
बाहरी ताकतों को चीन की सख्त चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजिंग ने ताइवान का समर्थन करने वाली "बाहरी ताकतों" को कड़ी चेतावनी दी है। एएफपी के मुताबिक, चीन का यह शक्ति प्रदर्शन उस समय हुआ है जब अमेरिका ने ताइवान को हथियारों की एक नई खेप बेचने का फैसला किया है।
अमेरिका की भूमिका से चीन नाराज़
ताइवान का मुख्य सुरक्षा साझेदार अमेरिका है, और चीन लंबे समय से अमेरिका की सैन्य मदद पर आपत्ति जताता रहा है। चीन का मानना है कि इससे ताइवान में अलगाववादी सोच को बढ़ावा मिलता है।
'ताइवान को युद्ध की ओर धकेला जा रहा'
इस मुद्दे पर चीन के एक अधिकारी 'लिन' ने कहा,- "जो बाहरी ताकतें ताइवान का इस्तेमाल चीन को रोकने और उसे हथियारबंद करने के लिए कर रही हैं, वे स्वतंत्रता समर्थक वाले घमंड को बढ़ावा दे रही हैं और ताइवान जलडमरूमध्य को युद्ध जैसी खतरनाक स्थिति में धकेल रही हैं।"
चीन का दो टूक संदेश
लिन ने आगे साफ शब्दों में कहा, "चीन के एकीकरण को रोकने की कोई भी साजिश आखिरकार नाकाम होगी।" इस बयान से साफ है कि चीन इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।
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