चीन ने कहा- रूस के खिलाफ प्रतिबंधों में शामिल नहीं होंगे, पुतिन की कर रहा बड़ी मदद
बीजिंग, 2 मार्च। यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों से कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे रूस के लिए दोस्त चीन मजबूती से खड़ा हो गया है। चीन के बैंक नियामक ने बुधवार को कहा है कि उनका देश अमेरिका और यूरोपीय सरकारों के रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों में शामिल नहीं होगा।

रूसी तेल और गैस का चीन बड़ा खरीदार
बता दें कि रूसी तेल और गैस का चीन का बड़ा खरीदार है। चीन इकलौता बड़ा देश है जिसने यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर रूस की आलोचना से खुद दूर रखा है। यहां यह जानना जरूरी है कि तेल और गैस रूस की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में चीन का रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों में शामिल न होने का मतलब है कि वह रूस से इन चीजों की खरीद जारी रख सकता है। चीन का ये फैसला युद्ध में उतरे रूस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिसकी अर्थव्यवस्था पर पहले ही बोझ बना हुआ है।

चीन ने क्या कहा?
चीन के बैंकिंग और बीमा नियामक आयोग के अध्यक्ष गुओ शुकिंग ने कहा- बीजिंग प्रतिबंधों का विरोध करता है। गुओ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम इस तरह के प्रतिबंधों में शामिल नहीं होंगे और हम सभी संबंधित पक्षों के साथ सामान्य आर्थिक, व्यापार और वित्तीय आदान-प्रदान करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा "हम वित्तीय प्रतिबंधों, खास तौर पर एकतरफा रूप से शुरू किए गए, को अस्वीकार करते हैं, क्योंकि उनके पास बहुत अधिक कानूनी आधार नहीं है और इसका अच्छा प्रभाव नहीं होगा।"

कड़े प्रतिबंध झेल रहा रूस
यूक्रेन पर हमले के चलते अमेरिका और यूरोप के देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों में रूसी बैंकों के काम करने पर रोक के साथ ही व्यापार के तमाम संसाधनों तक रूस की पहुंच रोकी गई है। वहीं गूगल, यूट्यूब के साथ ही तमाम डिजिटल ट्राजेक्शन की सुविधा देने वाली कंपनियों ने भी रूस में अपनी सेवाएं रोक दी हैं। वहीं रूसी ओलिगार्क (रूसी शासन में पहुंच रखने वाले अमीर लोग) की संपत्तियां भी जब्त की जा रही हैं।












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