चीन में कोरोना का खुलासा करने वाला पत्रकार रिहा, महामारी का सच दिखाने के बदले मिली थी 3 साल की कैद
चीन सरकार ने बीते रविवार को एक ऐसे पत्रकार को जेल से रिहा कर दिया जो तीन साल पहले कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों और शवों के वीडियो सार्वजनिक करने के बाद गायब हो गया था।

चीन ने 3 साल बाद कोरोना का खुलासा करने वाले पत्रकार फांग बिन को रिहा कर दिया है। फांग बिन ही वह शख्स था जिसने महामारी के शुरुआती चरण के दौरान अस्पतालों में संक्रमित मरीजों की भीड़ और शवों की लाइन वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया था।
इसकी वजह से महामारी को नियंत्रित कर पाने में असफल रहने पर चीनी अधिकारियों की फजीहत हुई थी। इसके बाद फांग बिन अचानक गायब हो गए थे। सा माना जाता है कि चीन में कोरोना महामारी को लेकर की गई आलोचना पर बीजिंग ने फैंग पर कार्रवाई की थी।
फांग बिन के परिवार से जुड़े लोगों ने बीबीसी को बताया कि उसे 3 साल बाद रविवार को रिहा कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2020 में गायब होने के बाद, फांग को वुहान में एक सीक्रेट मुकदमे में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
बता दें कि फांग ने पांच मिनट का एक वीडियो वायरल किया था, जो दुनिया भर में देखा गया। इस वीडियो में एक कोविड अस्पताल के बाहर आठ बॉडी बैग दिखाए गए थे। इसके बाद ही फांग को हिरासत में ले लिया गया लेकिन कुछ वक्त के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद फांग ने इस संदेश के साथ एक वीडियो पोस्ट किया कि सभी लोग विद्रोह करें और सरकार लोगों को ताकत सौंप दे। वह उनका आखिरी वीडियो था जिसे उन्होंने शेयर किया था।
हालांकि कार्यकर्ताओं ने फैंग की रिहाई का स्वागत किया है। लेकिन वो एक अन्य व्हिसल ब्लोअर वकील झांग झान को लेकर चिंतित हैं। झांग को मई 2020 में हिरासत में लिया गया था और दिसंबर 2020 में चार साल के लिए जेल में डाल दिया गया।
मिस्टर फैंग की तरह, उन्हें भी हिंसा भड़काने की कोशिश करने के लिए दोषी ठहराया गया था। बता दें कि फरवरी 2020 में दो अन्य नागरिक पत्रकार चेन क्यूशी और ली जहुआ भी वुहान में गायब हो गए थे, और महीनों बाद सामने आए थे।












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