ताइवान पर कैसे करेगा हमला और कैसे जीतेगा जंग... चाइनीज आर्मी ने किया डॉक्यूमेंट्री रिलीज, कब होगा आक्रमण?
China documentary oj attack Taiwan: चीन ने ताइवान पर हमला करने की सेना की तैयारी के बारे में एक नई डॉक्यूमेंट्री जारी की है. और सैनिकों को जरूरत पड़ने पर अपनी जान देने की प्रतिज्ञा करते हुए दिखाया है और डॉक्यूमेंट्री के जरिए बताया है, कि चीन की सेना अब ताइवान पर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गई है।
चीन ने उस वक्त डॉक्यूमेंट्री जारी की है, जब पिछले दो सालों से चीन, लगातार ताइवान स्ट्रेट में अपने फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट कैरियर को भेज रहा है और अपनी समुद्री सीमा का उल्लंघन कर रहा है। वहीं, अब डॉक्यूमेंट्री जारी होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं, कि क्या दुनिया एक और युद्ध को देखने के लिए तैयार है?

ताइवान पर शिकंजा कसता चीन
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की 96वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में चीन के राज्य प्रसारक सीसीटीवी ने एक डॉक्यूमेंट्री सीरिज "चेजिंग ड्रीम्स" जारी की है। इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज में 8 पार्ट हैं, जिसमें चीन के भविष्य के सपनों के बारे में बताया गया है।
इसी डॉक्यूमेंट्री के एक पार्ट में बताया गया है, कि ताइवान पर कब्जा करने के लिए चीन के सैनिक पूरी तरह से तैयार हैं और वो अपनी जान की परवाह किए बगैर, ताइवान को चीन में मिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। डॉक्यूमेंट्री में पीएलए सैनिकों को युद्ध का अभ्यास करते हुए दिखाा गया है और उसमें चीनी सैनिक युद्ध होने की स्थिति में अपनी जान देने की कसम खा रहे हैं।
चीन एक स्व-शासित लोकतंत्र ताइवान पर अपना क्षेत्र होने का दावा करता है, और कह चुका है, कि आवश्यक हुई तो बलपूर्वक इसे जीत लिया जाएगा।
आपको बता दें, कि चीन की सरकारी मीडिया और सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अकसर प्रोपेगेंडा वीडियो जारी करती रहती है, जिसमें चीन की आर्मी को दुनिया की सबसे ताकतवर आर्मी कहकर संबोधित किया जाता है।
प्रोपेगेंडा वीडियो या युद्ध के करीब दुनिया
चीन प्रोपेगेंडा फैलाने में माहिर रहा है और कई ऐसे मौके आए हैं, जब लगा है, कि चीन, अब ताइवान पर हमला करने ही वाला है। चीन की सेना भी ताइवान क्षेत्र में भारी युद्धाभ्यास करते हैं। चीनी सैनिकों का युद्धाभ्यास, परोक्ष रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसके संबंधों को प्रदर्शित करने का काम करती है।
हालांकि, अमेरिका ताइवान को एक संप्रभु देश के रूप में मान्यता नहीं देता है, लेकिन उसने आक्रमण की स्थिति में द्वीप को अपनी रक्षा में मदद करने का वादा किया है।
पिछले महीने व्हाइट हाउस ने ताइवान के लिए 345 मिलियन डॉलर के सैन्य सहायता पैकेज की घोषणा की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता से सबक लेकर लिया गया है, जिसकी बीजिंग ने आलोचना की थी।
"चेजिंग ड्रीम्स" नाम के इस डॉक्यूमेंट्री में पीएलए के "ज्वाइंट स्वॉर्ड" अभ्यास को दिखाया गया है, जिसने ताइवान के खिलाफ सटीक हमलों का अनुकरण किया गया है। अप्रैल में ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन की अमेरिका यात्रा के बाद स्व-शासित द्वीप के आसपास यह अभ्यास किया गया था।












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