भारत-पाकिस्तान में लड़ाई करवाकर अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा करेगा चीन? जानिए ड्रैगन का मिशन-2040
चीन की सरकारी मीडिया ने एक लेख के जरिए दुनिया के कई देशों पर जीतने की प्लानिंग का खुलासा किया है, जिसमें भारत के अरुणाचल प्रदेश पर 2040 तक कब्जा करने की प्लानिंग के बारे में बताया गया है।
नई दिल्ली, अक्टूबर 08: अरुणाचल प्रदेश को चीन तिब्बत का हिस्सा मानता है और तिब्बत पर जब पचास के दशक में चीन ने कब्जा किया था, उसके बाद से ही वो अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा ठोकता रहा है। चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा करने की बात करता रहता है और अब चीनी सैनिकों के अरुणाचल प्रदेश में घुसने की भी खबर आई है, जिनका भारतीय सैनिकों के साथ झड़प भी हुई थी। वहीं, चीन की सरकारी भोंपू मीडिया में एक आर्किकल लिखा गया है, जिसमें बताया गया है कि कैसे चीन भारत के अरुणाचल प्रदेश पर 2040 तक कब्जा कर सकते हैं।

चीन के खतरनाक मिशन
चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी का मुखपत्र माने जाने वाले सोहू न्यूज ने चीन की सरकार की कई प्लानिंग की जानकारी दी है, जिसमें बताया गया है कि चीन किस तरह से ताइवान पर कब्जा कर सकता है, किस तरह से चीन साउथ चायना सी पर कब्जा कर सकता है और कैसे चीन भारत से अरुणाचल प्रदेश को छीन सकता है। इतना ही नहीं, चीन की इस सरकारी मीडिया ने यहां तक दावा किया है कि, चीन की सरकार की प्लानिंग भारत और पाकिस्तान को लड़ाने और भारत को कई हिस्से में तोड़ने की भी है। सोहू न्यूज के लेख में भारत और पाकिस्तान के ऊपर कई ऐसी बातें लिखी गई हैं, जो खतरनाक भी हैं और जो विश्वयुद्ध को दावत देती हैं।

ताइवान पर 2020-25 में कब्जा
चीन के सरकारी अखबार सोहू मीडिया ने दावा किया है कि चीन की सरकार की प्लानिंग 2025 तक ताइवान पर हमला कर उसे चीन में हमेशा के लिए मिला लेने की है और चीन की सरकार जिस आक्रामकता के साथ ताइवान की सीमा में अपने युद्धक विमान भेज रही है, उससे इस दावे को बल भी मिलता है। पिछले 10 दिनों में चीन 150 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को ताइवान के एयरस्पेस में भेज चुका है। चीनी वेबसाइट सोहू ने दावा किया हुआ है कि, चीन का 'मिशन ताइवान', ताइवान की सरकार को अल्टीमेटम भेजकर शुरू होगा और ताइवान को चीन में शामिल करवाने के लिए 2025 तक ताइवान पर हमला किया जाएगा। ताइवान की सरकार ने भी पिछले हफ्ते आशंका जताई है कि चीन ताइवान के ऊपर 2025 तक हमला करने वाला है। सोहू वेबसाइट ने कहा है कि, अगर अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश ताइवान की मदद के लिए नहीं आते हैं, तो तीन महीने के अंदर पूरे ताइवान पर चीन का नियंत्रण होगा।

साउथ चायना सी के लिए युद्ध
सोहू वेबसाइट में ताइवान के बाद साउथ चायना सी मिशन के बारे में बताया गया है, जिसमें कहा गया है कि साउथ चायना सी पर कब्जा करने के लिए भी एक युद्ध होगा। इसमें सोहू वेबसाइट ने दावा किया है कि, दक्षिण चीन सागर में चीन को वियतनाम और फिलीपींस की सेना से लड़ाई लड़नी होगी, क्योंकि अमेरिका खुद किसी भी हालत में चीन की सेना से युद्ध करने के लिए नहीं आएगा। न्यूज आर्टिकल में लिखा गया गया है कि 2028 तक चीन का दक्षिण चीन सागर पर संपुर्ण प्रभुत्व स्थापित हो जाएगा और फिर चीन इन छोटे-छोटे देशों को काफी आसानी से जीत लेगा। इस तरह से चीन के सामने ये देश कभी आवाज नहीं उठाएंगे। इस लेख में कहा गया है कि, ताइवान का जो हाल चीन की सेना करेगी, उसे देखने के बाद वियतनाम और फिलीपींस जैसे देश चुपचाप सरेंडर कर देंगे। लेख में कहा गया है कि अगर अमेरिका इसमें हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है, तो उसे ऐसा सबक सिखाना होगा, जिसकी कल्पना तक उसने ना की हो।

चीन का प्लान अरुणाचल प्रदेश
इस न्यूज आर्टिकल में अरुणाचल प्रदेश का भी जिक्र किया गया है। चीन भारत के अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है और अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास तक बुलेट ट्रेन लेकर पहुंच चुका है। वहीं, चीन अरुणाचल प्रदेश की सीमा से कुछ ही दूरी पर एक सीक्रेट एयरपोर्ट का भी निर्माण कर रहा है। न्यूज रिपोर्ट में दावा करते हुए कहा गया है कि चीन को तीसरा युद्ध दक्षिणी तिब्बत पर 'पुनर्विजय' प्राप्त करने के लिए करना होगा। इस लेख में भारत का अलग अलग देशों से हुए रक्षा सौदों के बारे में बताया गया है। इस लेख में कहा गया है कि 2035 से 2040 तक चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश पर विजय प्राप्त करने के लिए युद्ध लड़ेगी।

भारत को तोड़ने की प्लानिंग
इस रिपोर्ट में खतरनाक दावा करते हुए कहा गया है कि चीन अपनी रणनीति में भारत को कई टुकड़े करने की प्लानिंग कर सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि, चीन की सरकार को भारत को कई टुकड़े में बांटने की रणनीति पर काम करना चाहिए और अगर उसमें कामयाबी नहीं मिलती है, तो कश्मीर मुद्दे को हवा देकर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध करवा देना चाहिए। लेख में कहा गया है कि, जब भारत कश्मीर के अंदर पाकिस्तान की सेना से लड़ रही होगी, उस वक्त चीन को अरुणाचल प्रदेश पर हमला कर देना चाहिए और उसे अपने कब्जे में ले लेना चाहिए।

जापान पर हमला करने की प्लानिंग
सोहू न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में चीन की सरकार द्वारा जापान पर हमला करने की भी बात कही गई है। चीन का जापान के साथ ईस्ट चायना सी में सेनकाकू द्वीप को लेकर विवाद चल रहा है। इस द्वीप पर चीन और जापान, दोनों अपना-अपना दावा जताते हैं और फिलहाल ये द्वीप जापान के पास है। जिसको लेकर कहा गया है कि, चीन की सेना जापान के ऊपर 2040 से 2050 के बीच हमला करेगी और उस द्वीप को अपने कब्जे में ले लेगी।

मंगोलिया और रूस से युद्ध
सोहू न्यूज ने इसके बाद मंगोलिया और रूस के खिलाफ भी लड़ाई करने को लेकर दावे किए हैं। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जापान को हराने के बाद चीन की सेना का अगला टार्केग मंगोलिया का बाहरी इलाका होगा, जिसपर चीन की सेना 2045 से 2050 तक कब्जा कर लेगी और फिर चीन का अगला मिशन रूस को लेकर होगा। लेख में लिखा गया है कि, चीन अपना आखिरी जंग रूस के साथ 2055 से 2060 के बीच लड़ेगा, जिसमें चीन की सेना रूस को मात दे देगी। यानि, इस लेख में चीन की भोंपू मीडिया की तरफ से जमकर प्रोपेगेंडा किया गया है और उसकी कल्पना के लिए उसे फुल मार्क्स मिलने चाहिए।












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