India-China: 15 महीनों के बाद भारत में नये राजदूत की नियुक्ति करेगा चीन, शी जिनपिंग का क्यों बदला मन?
China-India News: करीब 15 महीनों के बाद चीन आखिरकार भारत में नये राजदूत की नियुक्ति कर सकता है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग में नये राजदूत की नियुक्ति के लिए दो बार राजदूत रह चले डिप्लोमेट का चयन किया है, जिन्हें बहुत जल्द भारत भेजा जा सकता है।
नई दिल्ली में चीन के राजदूत करीब 15 महीनों से नहीं हैं, जिससे सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर शी जिनपिंग का भारत को लेकर मन क्यों बदला है? और क्या भारत और चीन के बीच लंबे समय से जो विवाद चल रहा है, उसमें नरमी आ रही है?

भारत में 15 महीने बाद चीनी राजदूत
चीन ने बीजिंग स्थित मुख्यालय में तैनात अपने सहायक विदेश मंत्रियों में से एक, जू फीहोंग को भारत में अगले राजदूत के रूप में नाम फाइनल किया है। हालांकि, चीनी दूतावास या विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आपको बता दें, कि जू फीहोंग वर्तमान में विदेश मंत्रालय में वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के सहायक मंत्री हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार, भारतीय पक्ष को नये राजदूत के बारे में बता दिया गया है।
हालांकि, पहले यह उम्मीद की जा रही थी, कि वह अगले महीने वसंत महोत्सव के आसपास नई दिल्ली आ सकते हैं, लेकिन अब यह अनिश्चित है, कि यह समयसीमा संभव है या नहीं।
जू का सहायक विदेश मंत्री का पद, मोटे तौर पर विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद के बराबर है। चूंकि भारत में चीनी राजदूत का पद उप-मंत्री स्तर का होता है, इसलिए भारत आने से पहले उन्हें प्रमोशन करने की आवश्यकता होगी।
भारत में पिछले दो चीनी राजदूतों, सन वेइदॉन्ग और उनके पूर्ववर्ती, लुई झाओहुई को दक्षिण एशिया में महत्वपूर्ण अनुभव था, जिसमें भारत में उनकी पूर्व पोस्टिंग भी शामिल थी।
हालांकि, लू युचेंग, जो लुई से पहले राजदूत थे, उनके पास कोई क्षेत्रीय अनुभव नहीं था।
चीनी राजनयिक के रूप में अपने 37 वर्षों के कार्यकाल में, जू का दक्षिण एशिया में एकमात्र कार्यभार 2010 से 2013 तक अफगानिस्तान में राजदूत के रूप में था।
उनकी ज्यादातर पोस्टिंग यूरोप में विशेषज्ञता के साथ फिनलैंड से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक पश्चिमी दुनिया में रही है। उनकी आखिरी पोस्टिंग बतौर राजदूत, 2015 से 2018 तक रोमानिया में रही थी।
लंबे समय से भारत में नहीं है चीनी राजदूत
भारत में चीन के आखिरी राजदूत सन वेइदॉन्ग थे, जिन्होंने तीन साल नई दिल्ली में कार्यालय संभालने के बाद अक्टूबर 2022 में अपना पद छोड़ दिया था, क्योंकि पूर्वी लद्दाख की पहाड़ी ऊंचाइयों पर घातक झड़पों के बाद दोनों एशियाई पड़ोसियों के बीच संबंधों में काफी तल्खी आ गई थी।
अप्रैल-मई 2020 से, भारत और चीन अपनी लंबी सीमा के पश्चिमी भाग में सैन्य गतिरोध में उलझे हुए हैं।
भारत ने दावा किया था, कि चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी पारंपरिक स्थिति से आगे बढ़ गए थे, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना की गश्ती टीमों के साथ कई झड़पें हुईं।
सबसे घातक संघर्ष 15 जून को हुआ था, जब भारतीय और चीनी सैनिक गलवान घाटी में आमने-सामने की लड़ाई में फंस गए थे, जिसमें 20 भारतीय सैनिक और कम से कम चार चीनी सैनिक मारे गए थे।
उसके बाद से, दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की कम से कम 20 दौर की वार्ता और विदेश कार्यालय के नेतृत्व में 13 दौर की चर्चा हो चुकी है।
भारत का कहना है, कि दोनों देशों के बीच गतिरोध तभी सुलझेगा, जब डेमचोक और डेपसांग में चीनी सैनिकों की वापसी होगी। लेकिन इसके विपरीत, चीन का दावा है, कि मई 2020 के बाद यथास्थिति में बदलाव में ये दोनों क्षेत्र शामिल नहीं हैं।
चीन ने बार-बार संबंधों को "सामान्य बनाने" और सीमा विवाद से परे जाने का आह्वान किया है, लेकिन भारत इस बात पर जोर देता है, कि पहले गतिरोध को हल करना होगा।
वहीं, विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है, कि लंबे सयम से चीनी राजदूत का भारत में ना होना, बीजिंग की नाराजगी का संकेत है।
सीमा विवाद के अलावा, चीन की नाराजगी की एक और बड़ी वजह चीनी कंपनियों के खिलाफ नई दिल्ली का एक्शन है। भारत में कई चीनी कंपनियों की वित्तीय जांच की जा रही है और कई अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। और यही सब वजहें हैं, कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले साल जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत नहीं आए थे।
इससे पहले 1962 की जंग के बाद 15 सालों तक दोनों देशों ने एक दूसरे के देश में राजदूतों को नहीं भेजा था और करीब 15 सालों के बाद 1976 में राजदूतों की अदला बदली की गई थी।
-
बांग्लादेश के राजदूत रियाज़ हामिदुल्लाह ने भारत के साथ संवेदनशील मुद्दों के सौहार्दपूर्ण समाधान का आह्वान किया। -
Middle East Crisis पर PM मोदी ने CM संग बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, क्या है सरकार का 7 एम्पावर्ड ग्रुप्स प्लान? -
Hormuz China ships: ईरान ने चीन को दिया बड़ा झटका, होर्मुज में 2 बड़े चीनी जहाजों को खदेड़ा, टूट गई दोस्ती? -
Petrol Diesel Shortage Fact Check: सच में भारत के पास अब सिर्फ दो दिन का पेट्रोल बचा है? या 60 दिन का बैकअप? -
Uttar Pradesh LPG Cylinder Price Today List: गैस सिलेंडर Lucknow में कितना महंगा? 39 जिलों में कितना है रेट? -
Lucknow Petrol Crisis: पेट्रोल की किल्लत? बाइक में सिर्फ ₹200-कार में ₹1000 का तेल! DM बोले- मांग 35% बढ़ी -
Trump China Visit: युद्ध के माहौल में चीन दौरे पर जा रहे हैं ट्रंप, 14-15 मई को बीजिंग में 'ग्रैंड डील'












Click it and Unblock the Notifications