VIDEO: भारत के सबसे बड़े 'दुश्मन' ने सभी देशों को छोड़ा पीछे, समुद्र से अंतरिक्ष के लिए लॉन्च किया रॉकेट
भारत का सबसे बड़ा दुश्मन चीन (China) स्पेस सेक्टर में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है। अब उसने मार्च-11 रॉकेट (Long March-11) का सफल प्रक्षेपण किया। ये रॉकेट तो सामान्य रॉकेट की तरह ही है, लेकिन इसके लॉन्चिंग का स्टाइल अलग था। जिसको देखकर पूरी दुनिया हैरान रह गई। इसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। (वीडियो-नीचे)

2 उपग्रह निचली कक्षा में स्थापित
चीनी मीडिया के मुताबिक लॉन्ग मार्च-11 रॉकेट की लॉन्चिंग पूरी तरह से सफल रही, जिसने दो उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित कर दिया। वैसे तो मार्च-11 चीन का पुराना रॉकेट है, जिसे हर बार जमीन पर स्थित लॉन्चिंग पैड से अंतरिक्ष में भेजा जाता था, लेकिन इस बार चीन ने इसे समुद्र में बने लॉन्चिंग पैड से लॉन्च किया है।

समुद्र से लॉन्चिंग क्यों सुरक्षित?
चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक रॉकेट को समुद्र से लॉन्चिंग के हिसाब से मॉडिफाई किया गया था। ये चीनी रॉकेट 500 किलोग्राम पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसे खासतौर पर पृथ्वी के निचली कक्षा में उपग्रह स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा चीनी वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र से लॉन्चिंग ज्यादा बेहतर है, क्योंकि खाली प्रोपेलेंट टैंक को निकालना वहां पर सुरक्षित है।

लागत कम करने का लक्ष्य
2019 के बाद ये चीन की चौथी समुद्री लॉन्चिंग थी। बीजिंग तेजी से इस प्रणाली में सुधार के लिए काम कर रहा है। उसका मकसद इस लॉन्चिंग में आने वाले खर्च को कम करना है, क्योंकि उन्हें निकटवर्ती प्लेटफॉर्म पर ले जाना आसान है। ProfoundSpace.org की रिपोर्ट के मुताबिक चीन भविष्य के मिशन पर काम कर रहा है। जिसके तहत नए वाणिज्यिक सैटेलाइट स्मार्ट ड्रैगन 3 और सेरेस 1 के भी समुद्र से लॉन्च होने की उम्मीद है।

जब बेकाबू हुआ रॉकेट
वैसे तो चीन का ये प्रयोग सही रहा, लेकिन वो स्पेस सेक्टर में लगातार नए कांड कर रहा है। अभी कुछ महीनों पहले ही उसका 23 टन का विशाल रॉकेट बेकाबू हो गया था। इसके बाद वो अंतरिक्ष से आकर धरती पर गिरा। इस रॉकेट का नाम लॉन्ग मार्च 5बी था। वैसे चीनी सरकार ने इसे आम घटना बताई थी, साथ ही दावा किया था कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।












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