चीन ने शीआन शहर में लगाया दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन, शर्तें सुनकर पीट लेंगे माथा
चीन ने शीआन शहर में पांच दिन से जारी लॉकडाउन को काफी ज्यादा सख्त कर दिया है और शी जिनपिंग की शून्य कोविड पॉलिसी की वजह से एक करोड़ 30 लाख लोग घरो में कैद हैं।
बीजिंग, दिसंबर 28: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है, और चीन भी इससे बच नहीं पाया है। लेकिन, कोरोना महामारी से पीछा छुड़ाने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन में विश्व का सबसे सख्त कोरोना गाइडलाइंस बनाया है और ये गाइडलाइंस इतने सख्त हैं, जिसका पालन करने में एक इंसान का पसीना निकल नाए। पिछले साल चीन ने वुहान शहर में पहली बार लॉकडाउन लगाया था और पहली बार दुनिया को इंसानों को घरों में कैद रखने वाले इस नये नियम के बारे में पता चला था, लेकिन अब जब कोई भी दूसरा देश लॉकडाउन लगाने का साहस नहीं जुटा रहा है, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चायना ने देश के शीआन शहर में विश्व का सबसे ज्यादा सख्त लॉकडाउन लगाया है।

विश्व का सबसे सख्त लॉकडाउन
विश्व के किसी भी शहर में अगर कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होने लगती है, तो फिर वहां से सख्त गाइडलाइंस भी हटने शुरू हो जाते हैं, लेकिन चीन ज़ीरो कोविड नियम पर काम करता है। यानि, किसी शहर में उस वक्त तक लॉकडाउन लगा रहेगा, जब तक उस शहर में हर एक शख्स की कोविड जांच ना हो जाए और उस शहर में एक भी संक्रमित ना बचे। चीन सख्त सीमा प्रतिबंधों, लंबे क्वारंटाइन पीरियड और टारगेटेड लॉकडाउन को लेकर अभी भी अड़ा हुआ है। दूसरी तरफ यही चीन अगले साल फरवरी महीने में शीतकालीन ओलंपिक के आयोजन के लिए पूरी तैयारी भी कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ शीआन शहर के एक करोड़ 30 लाख की जनसंख्या ऐतिहासिक लॉकडाउन से पांचवें दिन भी गुजर रही है।

घरों में कैद एक करोड़ 30 लाख लोग
ऐतिहासिक शीआन शहर में एक करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोग पांचवें दिन के घरेलू जेल में बंद हैं और लोगों के घर से बाहर निकलने पर सख्त पाबंदी है। वहीं, सरकार की तरफ से शीआन शहर के बारे में नई जानकारी देते हुए कहा गया है कि, कोविड संक्रमण को रोकने के लिए शहर में लॉकडाउन को और भी ज्यादा सख्त करने का फैसला किया गया है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि, शीआन शहर कोविड 19 से निजात दिलाने के लिए 'काफी ज्यादा सख्त सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन' लगाया गया है।

घरों से निकलने पर सख्त पाबंदी
चीन की सरकार की तरफ से कहा गया है कि, जब तक शीआन शहर में एक भी कोविड मरीज हैं, उस वक्त तक शहर के किसी भी हिस्से में, किसी भी नागरिक के लिए घर से निकलने पर पाबंदी है। इसके साथ ही सरकार की तरफ से कहा गया है कि, शहर में किसी भी शख्स को अपने घर से गाड़ी निकालने की इजाजत नहीं है और शहर के सभी नागरिकों को आदेश दिया जाता है, कि वो सरकार को कोविड स्थिति संभालने में सहायता करें। आपको बता दें कि, शीआन शहर में सोमवार को कुल 150 कोविड 19 के मामले दर्ज किए गये हैं।

नियम तोड़ने पर सख्त सजा
सरकार की तरफ से शहर की पुलिस, सरकारी अधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों के आदेश दिया गया है कि, वो एक एक घर का सख्ती के साथ निरिक्षण करें और अगर कोई शख्स नियम तोड़ने का आरोपी पाया जाता है, तो फौरन उसे 10 दिनों के लिए जेल भेज दिया जाए और उस शख्स के खिलाफ 500 युआन यानि करीब 78 डॉलर यानि करीब 6200 रुपये जुर्माना फौरन देना होगा। इसके साथ ही सरकार की तरफ से कहा गया है कि, नये साल के मौके पर भी शहर में एक भी शख्स को ना तो घर से निकलने की अनुमति है और ना ही किसी के घर जाने की इजाजत। चीन की सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, पिछले साल देश में एक साल की उम्र के बच्चे के साथ करीब 4 संक्रमितों में गंभीर लक्षण पैदा हो गये थे।

30 हजार से ज्यादा लोग क्वारंटाइन
पिछले हफ्ते शीआन शहर में लॉकडाउन लगाने के बाद से अब तक चीन के अधिकारी शीआन शहर का लगातार दौरा कर रहे हैं और अभी तक 30 हजार से ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है और शहर में सिर्फ इमरजेंसी दवाओं और अतिआवश्यक सामान की दुकान को छोड़कर सभी दुकानों को बंद कर दिया गया है। जबकि दुकानों से सामान लेने के लिए नियम और गाइडलाइंस बनाए गये हैं। हर घर से जरूरी सामान खरीदने के लिए तीन दिनों में सिर्फ एक शख्स को बाहर निकलने की इजाजत दी गई है।

अधिकारियों को मिली सजा
चीन की अनुशासनात्मक संस्था ने पिछले हफ्ते कहा है कि. वायरस की रोकथाम में चूक के लिए 26 स्थानीय अधिकारियों को दंडित किया गया था। वहीं, शीआन प्रशासन को भी दंडित किया गया है। इसके साथ ही शहर में मौजूद मजदूरों में भी गुस्सा देखा जा रहा है, क्योंकि उनके पास करने के लिए ना कोई काम है और ना ही उनके पास खाने के लिए पैसे हैं। हालांकि, शीआन प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि, मजदूरों का ख्याल रखा जा रहा है। वहीं, चीन की सरकार की तरफ से कहा गया है कि, पिछले एक साल में सिर्फ 2 मौते ही देश में कोरोना वायरस से दर्ज की गई हैं।












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