अमेरिकी राजनयिकों की गतिवधियों पर चीन ने लगाए प्रतिबंध, ट्रंप सरकार के सामने रखी ये शर्त
नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा पिछले साल कई चीनी व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के जवाब अब चीन ने अमेरिकी राजनयिकों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर दिया है। शुक्रवार को शी जिनपिंग सरकार ने चीन और हांगकांग में काम कर रहे अमेरिका के डिप्लोमैट्स पर प्रतिबंधों का ऐलान किया है। चीन ने अपने इस फैसले को अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में उचित कदम बताया है। इसके अलावा चीन ने अमेरिका को एक राजनयिक नोट भेजा है जिसमें बीजिंग ने अमेरिका से अपने गलत फैसलों को जल्द से जल्द निरस्त करने का आग्रह किया है।
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एक ऑनलाइन दिए गए बयान में चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिकी राजनयिकों पर लगाए गए प्रतिबंध बीजिंग स्थित अमेरिकी दूतावस और पूरे चीन में स्थित वाणिज्यदूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य कर्माचरियों पर लागू होगा। हालांकि इस बीच प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच सामान्य आदान-प्रदान और सहयोग जारी रहेगा। प्रवक्ता ने कहा कि अगर अमेरिका पिछले साल अक्टूबर में लागू कदमों को वापस ले ले तो यह प्रतिबंध हटाया जा सकता है।
इस दौरान चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वह अपनी गलतियों को सुधारें और पिछले वर्ष चीन के दूतावास और वहां के कर्मचारियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाए। प्रवक्ता ने कहा, चीन भी अमेरिका के कदमों पर परस्पर कदम उठाएगा। हालांकि अभी नए प्रतिबंधों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। इस बीच अमेरिका ने चीन को एक और बड़ा झटका देते हुए कहा, हम टिकटॉक के लिए समय सीमा को नहीं बढ़ाने जा रहे हैं। उन्होंने पुरानी डेडलाइन को दोहराते हुए कहा कि आगामी 15 सितंबर तक या कंपनी स्वामित्व बेंच सकती है या अपना कारोबार समेट कर अमेरिका छोड़ सकती है।
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