अब China में बंदर से निकले खतरनाक Virus से फैला संक्रमण, पशु चिकित्सक की मौत की पुष्टि, लैब में करता था काम

चीन में बंदर से निकले बीवी वायरस के संपर्क में आकर पशु चिकित्सक की जान चली गई है। चीन ने वायरस संक्रमण की पुष्टि कर दी है।

बीजिंग, जुलाई 17: विश्व को कोरोना वायरस से दहला देने वाले चीन में फिर से एक वायरस ने संक्रमण फैलाना शुरू कर दिया है और चीन ने इस बात को कबूल भी कर लिया है। चीनी के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कबूल किया है कि चीन में बंदरों से संक्रमण फैला है, जिसमें एक पशु चिकित्सक की मौत हो गई है। चीन के इस खुलासे के बाद एक बार फिर से पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है।

बंदर से निकला वायरस

बंदर से निकला वायरस

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि राजधानी बीजिंग स्थिति एक पशु चिकित्सक में बंदर से निकले वायरस की पुष्टि की गई है, लेकिन इलाज के दौरान पशु चिकित्सक ने दम तोड़ दिया है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस का नाम मंकी बी वायरस यानि बीवी है और पशु चिकित्सक इस वायरस के संपर्क में आने के बाद काफी बीमार हो गया था। हालांकि, अभी चीन की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि डॉक्टर के संपर्क में आने वाले सभी लोग ठीक हैं, लेकिन सवाल ये उठता है कि कई महीनों तक कोरोना वायरस को लेकर झूठ बोलने वाला चीन इस बार कितना सच बोल रहा है?

53 साल के डॉक्टर की मौत

53 साल के डॉक्टर की मौत

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बंदर वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले डॉक्टर की उम्र 53 साल थी और वो जानवरों पर रिसर्च करने वाले एक प्रयोगशाला में काम करता था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च के शुरुआती दिनों में डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई थी और उसे उल्टियां आनी शुरू हो गई थी। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि डॉक्टर का मार्च महीने से ही जी मिचला रहा था और उल्टियां हो रहीं थीं। स्थिति बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक ये डॉक्टर दो मृत बंदरों पर रिसर्च कर रहा था और उसी के संपर्क में आने के बाद वो बीमार पड़ा था। चीन सीडीसी वीकली इंग्लिश प्लेटफॉर्म ऑफ चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने शनिवार को नये वायरस से डॉक्टर की मौत का खुलासा किया है।

27 मई को मौत, अब कबूलनामा

27 मई को मौत, अब कबूलनामा

पत्रिका ने कहा है कि पशु चिकित्सक का कई अस्पतालों में इलाज की मांग की थी, लेकिन 27 मई को उसकी मौत हो गई। पत्रिका ने कहा है कि डॉक्टर को पहले से कोई दिक्कत नहीं थी और वो पूरी तरह से स्वस्थ था। वहीं, इस पत्रिका ने कहा है कि चीन में इससे पहले मंकी वायरय का कोई केस नहीं मिला था और डॉक्टर भी किसी भी संक्रमण का शिकार नहीं हुआ था। वहीं, किसी पशु चिकित्सक के वायरस से मरने का ये चीन में पहला मामला सामने आया है।

वायरस की पुष्टि

वायरस की पुष्टि

ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि डॉक्टर की मौत के बाद उसके शरीर से फ्ल्यूड लेकर उसकी जांच की गई, तो उसमें वायरस होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टर में वायरस की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर के संपर्क में आने वाले सभी करीबियों का टेस्ट किया गया था, लेकिन सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस को सबसे पहले 1932 में पहचाना गया था और ये एक तरह का जीनस मैकाका के मैकाक्स में एक अल्फ़ाहर्पीसवायरस एनज़ूटिक है। और ये वायरस भी कोरोना वायरस की तरह ही संक्रमण फैलाने में सक्षम होता है और इंसान से इंसान में भी फैलता है। सबसे खतरनाक बात ये है कि जहां कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का दर काफी कम है, वहीं इस वायरस से होने वाली मौतों का दर करीब 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत है। यानि, अगर 100 लोग इस वायरस की चपेट में आते हैं, तो करीब 70 से 80 लोगों की मौत हो जाएगी।

वायरस को लेकर चेतावनी

वायरस को लेकर चेतावनी

चीन के मेडिकल जर्नल ने बंदर से निकले बीवी वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है और इसे काफी ज्यादा खतरनाक बताया है और सरकार से फौरन इसको लेकर ध्यान देने को कहा गया है। वहीं, पत्रिका ने कहा है कि बंदरों को लेकर काम करने वाले लोगों में इस वायरस के फैलने की संभावना है, लिहाजा किसी भी तरह से बीवी वायरस को खत्म करने की जरूरत है। इसके साथ ही चीन में चलने वाले तमाम प्रयोगशालाओं पर सख्त निगरानी रखने की भी जरूरत है।

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