अमेरिका को बर्बाद कर देना चाहता है चीन, रिपोर्ट में खुलासा- 2030 तक 1 हजार परमाणु बम बना लेगा ड्रैगन
चीन अपने परमाणु भंडार में काफी तेजी से इजाफा कर रहा है। चीन का लक्ष्य अगले 6 सालों में 1000 परमाणु हथियार बनाना है। ये दावा पेंटागन की वार्षिक रिपोर्ट में किया गया है।
पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल चीन के पास 500 परमाणु हथियार हैं। लेकिन वह तेजी से अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाने में लगा हुआ है। अमेरिकी रक्षा विभाग का अनुमान है कि अगले दशक में चीन अपनी परमाणु ताकत का तेजी से आधुनिकीकरण, विविधता और विस्तार करना जारी रखेगा।

चीन इतनी तेज गति से परमाणु मिसाइलें विकसित कर रहा है जो पहले कभी नहीं देखी गई।19 अक्टूबर को प्रकाशित वार्षिक चीन सैन्य शक्ति रिपोर्ट में पेंटागन ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि चीन, अमेरिका पर हमला करने के तरीकों की संख्या बढ़ा रहा है।
इनमें पहली पारंपरिक रूप से सशस्त्र अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल और पनडुब्बी से लॉन्च किए जाने वाले हथियार विकसित करना शामिल है जिन्हें इसके समंदर से दागा जा सकता है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि चीन "पारंपरिक रूप से सशस्त्र अंतरमहाद्वीपीय-रेंज मिसाइल प्रणालियों के विकास की संभावना तलाश रहा है।"
रिपोर्ट में बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता विकसित करने में चीन की प्रगति का भी खुलासा किया गया है।
अमेरिकी नीति निर्माताओं और सैन्य विश्लेषकों द्वारा यह लंबे समय से देखा गया है कि चीन दक्षिण चीन सागर में पनडुब्बियों से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ अमेरिका की मुख्य भूमि पर हमला करने में सक्षम होना चाहता है। इसके लिए चीन DF-5C, PLA की कई नव विकसित और उन्नत परमाणु-सशस्त्र अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को डेवलप कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के परमाणु हथियारों वृद्धि अनुमान से अधिक है, लेकिन यह अभी भी रूस और अमेरिका से कम है। अमेरिका के शस्त्रागार में लगभग 3,700 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से लगभग 1,419 रणनीतिक हथियारों के लिए हैं।
दूसरी ओर फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, रूस के पास 4,489 परमाणु हथियारों का भंडार है और उसने लगभग 1,550 परमाणु हथियार तैनात किए हैं। नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2021 में चीन के पास लगभग 400 हथियार थे।












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