J-20: चीन ने सिक्किम के ठीक पास तैनात किए 5th जेनरेशन फाइटर जेट, जानिए कितना शक्तिशाली, कितना खतरनाक?
Chinese J-20 stealth fighter jets Near Sikkim: चीन ने भारतीय राज्य के सिक्किम के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से बमुश्किल 150 किलोमीटर की दूरी पर स्टील्थ क्षमताओं वाले अपने सबसे एडवांस J-20 "माइटी ड्रैगन" पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया है।
चीनी जे-20 फाइटर जेट की तैनाती बारे में ये खुलासा भू-स्थानिक खुफिया जानकारी पर नजर रखने वाली एक फर्म ऑलसोर्स एनालिसिस ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर की है, जिसमें तिब्बत के शिगात्से में डबल यूज वाले सैन्य नागरिक हवाई अड्डे पर 6 चीनी वायु सेना के J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की मौजूदगी दिखाई गई है।

यह हवाई अड्डा 12,408 फीट की ऊंचाई पर है, जो इसे दुनिया के सबसे ऊंचे हवाई अड्डों में से एक बनाता है।
सैटेलाइट तस्वीरों से क्या पता चलता है?
ऑलसोर्स एनालिसिस द्वारा शेयप की गई पोस्ट में कहा गया है, कि "चीन में शिगात्से एयरबेस से जुटाई गई तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है, कि भारतीय सीमा के पास 6 संभावित जे-20 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की तैनाती की गई है।"
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, कि 27 मई 2024 को ये तस्वीरें ली गई हैं, जो दर्शाती हैं कि ये जे-20 विमान उसी दिन एयरबेस पर पहुंचे, जिस दिन ग्राउंड क्रू और सहायक उपकरणों की संभावित तैनाती के लिए चीनी Y-20 ट्रांसपोर्ट जेट यहां पहुंचा था।
सैटेलाइट तस्वीरों में कई जे-10 लड़ाकू विमान और एक केजे-500 प्रारंभिक चेतावनी और नियंत्रण विमान भी दिखाई दिए हैं, "जो आमतौर पर शिगात्से में मौजूद होते हैं।"
जे-20 तैनाती के पीछे चीन का मकसद क्या है?
हालांकि,, अभी तक बीजिंग की तरफ इस इस तैनाती को लेकर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन नवीनतम उपग्रह चित्रों से यह संदेह और बढ़ गया है, कि चीन अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के पूर्वी क्षेत्र में यथास्थिति को बदलने का इरादा रखता है, जैसा उसने पूर्वी लद्दाख में किया है।
वैसे यह पहली बार नहीं है, जब तिब्बत में J-20 लड़ाकू विमानों की तैनाती की गई है। इन विमानों को 2020 से 2023 के बीच शिनजियांग के होटन प्रान्त में देखा गया था।
चीनी J-20 फाइटर जेट को लेकर भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को जे-20 की तैनाती के बारे में पता है, लेकिन उसने इन लेटेस्ट तस्वीरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
हालांकि, भारतीय रक्षा अधिकारियों ने कहा है, कि वे पिछले डेढ़ साल से एलएसी, खासकर अरुणाचल के तवांग सेक्टर में चीनी सेना की आक्रामकता और तैनाती पर "कड़ी नज़र" रख रहे हैं।
द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट में भारतीय सेना के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है, कि जे-20 लड़ाकू विमानों की तैनाती कोई नई बात नहीं है, क्योंकि चीन ने पहले भी भारत के सामने स्थित पश्चिमी कमान सहित अपने सभी पांच थिएटर कमांड में इन्हें तैनात किया था।
अधिकारी ने कहा, कि "पर्याप्त लड़ाकू विमानों की कमी को देखते हुए चीन की तरफ से J-20 की तैनाती भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय रही है। J-20 लड़ाकू विमानों का मुकाबला करने के लिए हमारे पास एडवांस फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान हैं।"
आपको बता दें, कि J-20 को लेकर चीन का दावा है, कि ये पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जबकि भारतीय राफेल फाइटर जेट 4.5 पीढ़ी लड़ाकू विमान है।
J-20 लड़ाकू विमान कितना शक्तिशाली?
J-20 एक घरेलू इंजन द्वारा संचालित है जिसे WS-15 आफ्टर-बर्निंग टर्बोफैन कहा जाता है। यह इसे 60,000 फीट की ऊंचाई और लगभग 700 मील की सीमा के साथ मैक 2 (1,535 मील प्रति घंटा) के करीब अधिकतम गति तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
वहीं, रेंज के लिहाज से चीन दावा करता है, कि J-20 की रेंज अमेरिकी फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट F-35 से ज्यादा है। यह इसे बिना ईंधन भरे लंबी दूरी तय करने में सक्षम बनाता है, जो रणनीतिक हवाई संचालन में एक महत्वपूर्ण कारक है। वहीं, कई अन्य डिफेंस रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि J-20, F-35 से ज्यादा स्पीड पर उड़ना भरने में सक्षम है। कहा जाता है कि J-20 मैक 2.0 की अधिकतम गति पर उड़ान भरने में सक्षम है, जो जबकि, एफ-35 की स्पीड 1.6 मैक है।
इसके अलावा, J-20 में एक स्टैंड-ऑफ मिसाइल लॉन्च भी है - दुश्मन की हवाई सुरक्षा की सीमा से बाहर रहने और दृश्य सीमा से परे मिसाइलों को मार गिराने की क्षमता। यह F-35 से भी ज्यादा हथियार ले जा सकता है।
हालांकि, जे-20 की कीमत एफ-35 के मुकाबले काफी कम है, लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है, कि चीनी जे-20, अमेरिकी एफ-35 की तरफ विश्वसनीय नहीं है। अपने एडवांस एवियोनिक्स और सेंसर सूट के कारण F-35 को J-20 की तुलना में भारी बढ़त हासिल है। अमेरिकी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान में वर्टिकल टेकऑफ़ और लैंडिंग क्षमता (वीटीओएल) और एक विस्तृत मिशन प्रोफ़ाइल भी है, जो चीनी जेट में नहीं है।
संक्षेप में समझें, तो J-20 में रेंज, हथियार क्षमता और स्टील्थ में फायदे हैं, जबकि F-35 एवियोनिक्स, गतिशीलता और बहुमुखी प्रतिभा में उत्कृष्ट है। दोनों विमान अत्याधुनिक तकनीक का प्रतिनिधित्व करते हैं और हवाई युद्ध क्षमताओं को फिर से परिभाषित करते हैं।
वहीं, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में ऑलसोर्स एनालिसिस के टेक्नोलॉजी और एनालिसिस के उपाध्यक्ष के हवाले से कहा गया है, "जे-20 स्टील्थ फाइटर चीन का अब तक का सबसे एडवांस ऑपरेशनल लड़ाकू विमान है, और ये विमान मुख्य रूप से चीन के पूर्वी प्रांतों में स्थित हैं।"
उन्होंने कहा, कि "तिब्बत के शिगात्से में इन विमानों को देखकर ऐसा लगता है, कि वे अपने सामान्य ऑपरेशनल क्षेत्रों से बाहर और भारतीय सीमा के नजदीक तैनात हैं।"
वहीं, इस वक्त भारत के आठ राफेल विमान अलास्का में अमेरिकी वायु सेना के साथ एडवांस एयर वार एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहे हैं। जबकि, शिगात्से, जहां चीनी जे-20 तैनात हैं, वो पश्चिम बंगाल के हासीमारा से 290 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है, जहां भारत ने 16 राफेल का दूसरा स्क्वाड्रन तैनात कर रखा है।












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