• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपेयो ने कहा- लद्दाख में चीन के 60,000 से ज्‍यादा सैनिक

|

वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने एक इंटरव्‍यू में कहा है चीन ने भारत से लगी लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर 60,000 से ज्‍यादा सैनिक तैनात कर दिए हैं। पोंपेयो ने इसके साथ ही चीन को उसके खराब बर्ताव और क्‍वाड देशों के लिए खतरा पैदा करने पर फटकार भी लगाई है। हाल ही में जापान की राजधानी टोक्‍यो में क्‍वाड देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग हुई है। इस संगठन में भारत के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और जापान शामिल हैं। क्‍वाड की मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब सारे देश साउथ चाइना सी और पूर्वी लद्दाख में चीन की आक्रामकता से परेशान हैं।

china-militia-100

यह भी पढ़ें-चीन ने देपसांग सेक्‍टर में बढ़ाई जवानों की संख्या

    China ने LAC पर तैनात किए 60 हजार सैनिक, US के विदेश मंत्री ने India से क्या कहा? | वनइंडिया हिंदी

    कई दशकों तक खतरे को किया नजरअंदाज

    माइक पोंपेयो ने द गाइ बेंनसन शो को इंटरव्‍यू दिया है। इसी इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा, 'भारतीय अपने उत्‍तरी बॉर्डर पर 60,000 चीनी सैनिकों को देख रहे हैं। मैं अपने भारत, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान के समकक्षों के साथ एक मंच पर था जिसे हमनें क्‍वाड नाम दिया है। यह संगठन चार मजबूत अर्थव्‍यवस्‍थाओं और चार देशों से मिलकर बना है, ऐसे देश जिन्‍होंने चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के खतरे को परखा है।' मंगलवार को पोंपेयो ने टोक्‍यो में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। यहां पर उन्‍होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर में शांति और दूसरे अहम मुद्दों पर काम करने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्‍होंने जयशंकर के साथ हुई मीटिंग को काफी बेहतरीन बताया। पोंपेयो ने कहा, 'क्‍वाड देशों के लोग अब यह मानते हैं कि हमनें चीनी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के खतरे को कई वर्षों तक नजरअंदाज किया है। दशकों तक चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी हमें रौंदती रही। पूर्व के प्रशासन ने चीन के आगे घुटने टेक दिए। उन्‍होंने चीन को मंजूरी दी कि वह हमारी बौद्धिक संपदाओं की चोरी करते रहे और लाखों नौकरियों की चोरी करते रहें।'

    जल्‍द भारत आने वाले हैं पोंपेयो

    माइक पोंपेयो जल्‍द ही 2प्‍लस2 सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने के लिए भारत आने वाले हैं। उन्‍होंने लैरी ओ कॉनेर को रेडियो शो के लिए दिए इंटरव्‍यू में भारत और अमेरिका के बीच करीबी संबंधों की अपील की है। पोंपेयो ने कहा, 'उन्‍हें (भारत) इस समय निश्चित तौर पर अमेरिका की जरूरत है और इस लड़ाई में हमारा साथ चाहिए।' पोंपेयो ने यह बात हाल ही में जापान की राजधानी टोक्‍यो में हुए क्‍वाड सम्‍मेलन से इतर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हुई मीटिंग पर टिप्‍पणी करते हुए कही। पोंपेयो ने कहा, 'चीन ने अब भारत के उत्‍तर में भारी तादाद में अपने जवानों को भेजना शुरू कर दिया है। दुनिया अब जाग गई है और रूख बदलने लगा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के नेतृत्‍व में अब वह गठबंधन तैयार हो चुका है जो इस खतरे को दूर कर देगा।' पोंपेयो के साथ अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्‍पर भी अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह से मीटिंग के लिए भारत आने वाले हैं। इसके अलावा उप विदेश मंत्री स्‍टीफन बाइगन भी अगले हफ्ते से अपना भारत दौरा शुरू करने वाले हैं। भारत और चीन के बीच पांच मई से ही लद्दाख में टकराव जारी है।

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    US Secretary of State Mike Pompeo said that China deployed more than 60,000 troops along LAC with India.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X