GDP के आंकड़े जारी नहीं करेगा चीनः आर्थिक संकट से जूझ रहा ड्रैगन क्या छुपाना चाहता है?

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो को मंगलवार सुबह 10 बजे तीसरी तिमाही का आंकड़ा जारी करना था, लेकिन अब इसमें देर लगेगी। खुद विभाग ने ये जानकारी दी है।

चीन (China) ने घोषणा की है कि वह तीसरी तिमाही (Q3) के लिए देश की जीडीपी (GDP) के आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं करेगा। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो को मंगलवार को दस बजे जीडीपी के आंकड़े जारी करना था। लेकिन इससे एक दिन पहले बीजिंग के इस संस्था ने घोषणा की है कि आर्थिक आंकड़ों को जारी नहीं किया जा रहा है। इसे किसी खास उद्देश्य के कारण टाला जा रहा है। इसमें विलंब हो सकता है। हालांकि यह खास उद्देश्य क्या है इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

कुछ ठीक नहीं चल रही चीन की अर्थव्यवस्था

कुछ ठीक नहीं चल रही चीन की अर्थव्यवस्था

GDP के अलावा राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो को मंथली इंडस्ट्रियल आउटपुट, एनर्जी प्रोडक्शन, फिक्स्ड एसेट इवेंस्टमेंट, प्रॉपर्टी इवेंस्टमेंट एंड सेल्स, रिटेल सेल्स एंड होम प्राइसेज आदि का डाटा भी जारी किया जाना था, लेकिन चीन ने इन आंकड़ों को भी फिलहाल नहीं जारी करने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई खबरें आईं थीं कि चीन की अर्थव्यवस्था में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

जीरो कोरोना पॉलिसी ने निकाला चीन का दिवाला

जीरो कोरोना पॉलिसी ने निकाला चीन का दिवाला

वहीं, ब्लूमबर्ग के मुताबिक 2022 की तीसरी तिमाही में चीन का आर्थिक विकास दर 3.3 फीसदी रहने का अनुमान है। दूसरी तिमाही यानी कि अप्रैल से जून के बीच चीन का विकास दर 0.4 फीसदी रहा था। इस दौरान चीन कोरोना के बड़े संकट से जूझ रहा था। कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए कई शहरों में जीरो कोविड पॉलिसी लागू थी। कई उद्योग बंद थे।

चीन में अर्थव्यवस्था की रफ्तार पड़ी धीमी

चीन में अर्थव्यवस्था की रफ्तार पड़ी धीमी

हाल के दिनों में जितने भी आर्थिक डाटा जारी किए गए हैं उसमें कहा गया है कि चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ रही है। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड के मुताबिक 2022 में चीन का आर्थिक विकास दर 3.2 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं, अगले साल 2023 में ये 4.4 फीसदी रह सकता है। जबकि 2022-23 में भारत की जीडीपी क्रमशः 6.8 फीसदी और 6.1 फीसदी रह सकती है।

खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही अर्थव्यवस्था

खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही अर्थव्यवस्था

इससे पहल पहले विश्व बैंक ने कहा था कि ऊंची मुद्रास्फीति, बढ़ रही ब्याज दरें और विकासशील देशों पर बढ़ रहे कर्ज के बोझ के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही है। विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास ने गुरूवार को आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमने वैश्विक विकास के लिए अपने 2023 के विकास के अनुमान को तीन प्रतिशत से घटाकर 1.9 प्रतिशत कर दिया है वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही है।"

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