चायनीज वायरस ने चीन में मचाया कहर, नई लहर से 31 राज्यों में लोकल लॉकडाउन, वुहान में अफरा-तफरी
पिछले महीने नानजिंग शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला मिलने के बाद नानजिंग शहर में काफी ज्यादा सख्त लॉकडाउन चल रहा है, वहीं राजधानी बीजिंग में सार्वजनिक वाहनों की संख्या काफी कम कर दी गई है।
वुहान/बीजिंग, अगस्त 04: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस फैलाकर, दूसरे देशों की बेबसी का फायदा उठाने वाला चीन अब बहुत बुरी तरह से कोरोना वायरस महामारी की चपेट में फंस गया है। एक दिन पहले तक चीन के 18 प्रांतों में ही कोरोना वायरस के मामले मिले थे, लेकिन आज चीन के 31 प्रांतों में कोरोना वायरस मरीज मिलने के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में चीन में बेहद सख्त लॉकडाउन लगा दिया जाएगा। वहीं, चीन के जिस वुहान शहर से कोरोना वायरस फैला था, उस वुहान में लॉकडाउन की आहट से लोग काफी ज्यादा डरे हुए हैं और जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए बाजारों में भारी भीड़ दिख रही है।

वुहान में डॉकडाउन की आहट से डरे लोग
चीन की सरकारी मीडिया ने एक दिन पहले इस बात को स्वीकार किया था कि करीब सवा साल के बाद वुहान शहर में कोरोना वायरस के सात मरीज मिलने से सनसनी फैल गई है। वहीं, माना जा रहा है कि वुहान की स्थिति काफी खराब होने लगी है और चीन असलियत छिपा रहा है। वहीं, वुहान प्रशासन ने हर एक नागरिक का कोरोना वायरस टेस्ट कराने की घोषणा कर दी है, जिसके बाद अब लोगों में भारी दहशत है और पिछली बार सख्त लॉकडाउन का सामना करने वाले लोग इस बार बाजारों में जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए उमड़ रहे हैं। वुहान शहर के तमाम सुपरमार्केट लोगों की भीड़ से ठसाठस भरे हुए हैं और जरूरी सामानों की कीमत में काफी इजाफा होना शुरू हो गया है। दरअसल, वुहान समेत चीन के कई प्रांतों में स्थिति इसलिए खराब होने की बात की जा रही है, क्योंकि इस बार कोरोना संक्रमण के शिकार ज्यादातर लोग प्रवासी मजदूर हैं, जो काम के सिलसिले में एक जगह से दूसरे जगह जाते रहते हैं और आशंका इस बात की है कि उन प्रवासी मजदूरों के संपर्क में आने वाले सैकड़ों लोग संक्रमित हो चुके होंगे।
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इस बार फंस गया है चीन
पिछले महीने नानजिंग शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला मिलने के बाद नानजिंग शहर में काफी ज्यादा सख्त लॉकडाउन चल रहा है, वहीं राजधानी बीजिंग में सार्वजनिक वाहनों की संख्या काफी कम कर दी गई है और काफी तेजी से लोगों की जांच की जा रही है और लोगों से उनके घरों में ही रहने के लिए कहा गया है। चीन में आधिकारिक तौर पर अभी 400 से ज्यादा नये कोविड-19 मामले दर्ज किए गये हैं, लेकिन स्वतंत्र एजेंसियों का कहना है कि चीन की स्थिति धीरे-धीरे बेकाबू हो रही है और स्थिति कहीं ज्यादा खराब है, जितना दावा वहां की सरकारी मीडिया कर रही है। अब तक चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए अपना पीठ थपथपा रही थी और दूसरे देशों को ज्ञान दे रही थी और उनके मजबूरी का फायदा उठा रही थी, लेकिन अब जब चीन के 31 राज्यों में वायरस फैल चुका है तो एक बार फिर से फर्जी दावे किए जा रहे है।

31 राज्यों में हाई अलर्ट जारी
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद 31 प्रांतों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और लोगों से गैर-जरूरी यात्रा नहीं करने की चेतावनी दी गई है। अनावश्यक यात्रा करने वालों के खिलाफ कम्यूनिस्ट पार्टी ने सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने सख्त चेतावनी देते हुए डेल्टा वेरिएंट को काफी ज्यादा खतरनाक और काफी तेजी से फैलने वाला स्ट्रेन कहा है। चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो डेल्टा वेरिएंट को लेकर सबक सीखें और घरों में रहें। वहीं, चीन के अस्पतालों के लिए भी गाइडलाइंस जारी किए गये हैं।

कई इलाकों में लॉकडाउन
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जियांगसु प्रांत के निनजियांग में काफी सख्त लॉकडाउन लगाया गया है। वहीं, राजधानी बीजिंग के हेदियान जिले में भी किसी भी शख्स को अपने घर से बाहर निकलने की इजाजत कम्यूनिस्ट पार्टी की तरफ से नहीं दी गई है। वहीं, तमाम सार्वजनिक स्थानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि निनजियांग में 10 हजार लोगों के सैंपल टेस्ट के लिए लिए गये थे, जिसमें कई लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गये है। लेकिन कम्यूनिस्ट पार्टी के भोंपू मीडिया ने ये नहीं बताया कि 10 हजार सैंपल्स में से कितने सैंपल्स पॉजिटिव मिले हैं।

गलती करने वालों पर कार्रवाई
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक कम्यूनिस्ट पार्टी का मानना है कि चीन में कोरोना वायरस संक्रमण स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से फैला है और उनकी कमजोरियों को उजागर किया है, जिसकी वजह से देश में खतरे का अलार्म बजा दिया गया है। कम्यूनिस्ट पार्टी का मानना है कि हवाई अड्डों पर अधिकारियों ने भारी लापरवाही बरती है, इसीलिए संक्रमित मरीज देश में घुसने में कामयाब हो पाए हैं, लिहाजा अब कम्यूनिस्ट पार्टी ऐसे लोगों की तलाश कर रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कम्यूनिस्ट पार्टी के कुछ अधिकारियों ने कहा है कि अगर कमियों को दूर नहीं किया गया तो जब तक ये महामारी विदेशों में फैली हुई है, तब तक बार बार देश में कोरोना फैल सकता है।












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