आखिरकार चीन ने बाइडेन-हैरिस को 6 दिन बाद दी जीत की बधाई, जानें क्या कहा
बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने वाले जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित कमला हैरिस को चीन ने आखिरकार शुक्रवार को एक सप्ताह बाद बधाई दे दी। वॉशिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन नें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हम अमेरिकी लोगों का सम्मान करते हैं। हम जो बाइडेन और कमला हैरिस को अपनी ओर से बधाई देते हैं। बता दें कि, नतीजों की स्थिति साफ ना होने के कारण कई देश जो बाइडेन को बधाई देने से बच रहे थे। जिनमें एक चीन भी था।
Recommended Video

हम अमेरिकी लोगों की पसंद का सम्मान करते हैं: चीन
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने शुक्रवार क प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम अमेरिकी लोगों की पसंद का सम्मान करते हैं... हम बाइडेन और हैरिस को बधाई देते हैं।'' उन्होंने आगे कहा, हम मानते हैं कि अमेरिकी चुनाव नतीजों की पुष्टि अमेरिकी कानूनों और प्रक्रिया के तहत की जाएगी। हालांकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अभी तक व्यक्तिगत तौर पर बाइडेन को बधाई नहीं दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि वह अभी नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। चीन ने कहा था कि हमने बाइडेन के जीत के दावे को देखा है।

रूस ने अभी तक नहीं दी बधाई
चीन ने भले ही नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन को बधाई दे दी है, लेकिन रूस की ओर से अभी भी अमेरिका के अगले राष्ट्रपति को बधाई नहीं दी गई है। एशिया महाद्वीप में चीन के अलावा जो अहम शक्तिया हैं उन्होंने नए राष्ट्रपति बाइडेन को बधाई पहले ही दे दी थी। जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान ने जो को बधाई देते हुए अमेरिका के साथ भविष्य में अच्छे संबंधों की वकालत की थी। कई सारे पश्चिमी देशों ने भी बाइडेन को बधाईयां दी है और अमेरिका के साथ अपने देश के अच्छे संबंधों की आशा जताई है।

चीन-अमेरिका संबंधों पर ग्लोबल टाइम्स छाप रहा लेख
उधर चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में बाइडेन के राष्ट्रपति बनने को लेकर चीन और अमेरिका के संबंधों पर लगातार लेख प्रकाशित किए जा रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद चीन और अमेरिकी के रिश्तों में अल्पकालिक नरमी भले ही आ जाए लेकिन दीर्घकाल में इसमें किसी तरह का विशेष सुधार देखने को नहीं मिलने वाला है। बता दें कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका और चीन के बीच संबंध लगातार खराब होते चले गए थे।












Click it and Unblock the Notifications