भारत के खिलाफ PoK के एयरबेस का इस्तेमाल कर सकता है चीन, लेह से सिर्फ 100 KM है दूरी

नई दिल्ली: LAC के विवादित इलाकों पर कब्जा करने के लिए चीन दो महीने से प्लानिंग कर रहा है। अब इसमें चीन को पाकिस्तान का भी साथ मिलने लगा है। पिछले हफ्ते स्कार्दू एयरबेस (PoK) पर चीनी सेना का रिफ्यूलर विमान उतरा था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में चीन भारत के खिलाफ इस एयरबेस का इस्तेमाल कर सकता है। स्कार्दू की दूरी लेह एयरबेस से सिर्फ 100 किलोमीटर ही है। इस एयरबेस का हाल ही में पाकिस्तान ने विस्तार भी किया था। जिसको देखते हुए भारतीय वायुसेना अब लद्दाख के साथ-साथ PoK की ओर भी नजर रख रही है।

 स्कार्दू में गतिविधियां बढ़ी

स्कार्दू में गतिविधियां बढ़ी

सूत्रों के मुताबिक स्कार्दू एयरबेस पर पिछले कुछ हफ्तों से काफी गतिविधियां बढ़ी हैं। पाकिस्तानी विमानों का तो यहां उतरना आम बात है, लेकिन चीनी एयरफोर्स के विमान के उतरने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पिछले साल पाकिस्तान ने चीनी एयरफोर्स के साथ युद्धाभ्यास किया था। इस दौरान JF-17 विमान स्कार्दू में उतरे थे। तब से भारत इस एयरबेस की पूरी निगरानी कर रहा है। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सरकार इस एयरबेस को चीन को सौंपने में जरा भी संकोच नहीं करेगी। वहीं पैंगोंग झील से 200 किलोमीटर दूर चीन एक दूसरे एयरबेस को भी अपग्रेड कर रहा है।

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    होटन से ज्यादा अहम है ये एयरबेस

    होटन से ज्यादा अहम है ये एयरबेस

    चीन के पास तिब्बत में होटन समेत कई एयरबेस हैं। इनमें से ज्यादातर की ऊंचाई 4000 फीट से ज्यादा है। जिस वजह से हथियार और पूरे ईंधन के साथ वहां से उड़ान भरना संभव नहीं है। वहीं दूसरी ओर भारत का सबसे महत्वपूर्व एयरबेस पठानकोट में है, जो समतल है। इसके अलावा भारत के अन्य एयरबेस की भौगलिक स्थिति भी काफी अच्छी है। जिससे वहां से कोई भी विमान उड़ान भर सकता है। ऐसे में युद्ध जैसे हालात में चीन PoK के एयरबेस का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर समझेगा।

    चिनूक-सुखोई ने संभाला मोर्चा

    चिनूक-सुखोई ने संभाला मोर्चा

    गलवान घाटी में 15-16 जून की रात हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस वजह से भारतीय वायुसेना को भी हाईअलर्ट पर रखा गया है। इस बीच रोजाना लेह के आसमान में सुखोई-30, मिराज समेत कई लड़ाकू विमान उड़ान भरते नजर आते हैं। वहीं LAC के ऊंचाई वाले इलाकों में सामान पहुंचाने का जिम्मा चिनूक हेलीकॉप्टर को सौंप दिया गया है। लेह के अलावा श्रीनगर एयरफोर्स बेस पर भी मुश्किल हालात से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।

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