UNSC में कोरोना वायरस से जुड़ा प्रस्ताव चीन ने ठुकराया, रूस और साउथ अफ्रीका का मिला समर्थन
न्यूयॉर्क। चीन, कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर पहले से ही शक के घेरे में है। अब एक नए कदम के बाद उस पर शक और गहरा गया है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की उस मीटिंग में बाधा डाली है जो इस महामारी पर चर्चा के लिए आयोजित होने वाली थी। इस बीमारी की वजह से 24,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और दुनिया के करीब 5,33,000 लोग संक्रमित हैं।

UNSC की कमान अभी चीन के हाथ
एस्टोनिया जो सभा का अस्थायी सदस्य है, उसकी तरफ से पिछले हफ्ते इस मीटिंग के लिए कहा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक एस्टोनिया के प्रस्ताव में पारदर्शिता पर चर्चा करने के लिए कहा गया था। चीन ने उसकी इस बात को मानने से इनकार कर दिया।चीन ने रूस और साउथ अफ्रीका की मदद से एस्टोनिया की कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया। एस्टोनिया के प्रस्ताव के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से दुनिया की शांति और सुरक्षा खतरे में आ गई है। चीन से ही दिसंबर माह में यह वायरस निकला था। फिलहाल यही देश 31 मार्च तक यूएनएससी का अध्यक्ष है और उसके बाद यह कुर्सी डोमिनिकन रिपब्लिक के पास चली जाएगी। सूत्रों के हवाले से इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स ने खबर दी है कि रूस और साउथ अफ्रीका ने कहा है कि वायरस के फैलने का दुनिया की शांति और सुरक्षा से कोई सीधा संबंध नही है। चीन ने इसके साथ ही यह कहते हुए प्रस्ताव को ठुकरा दिया कि सुरक्षा परिषद के अंदर इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कोई जनमत संग्रह नहीं बन पाया है। रूस और साउथ अफ्रीका दोनों ही चीन के करीबी व्यापारिक साझीदार हैं। एस्टोनिया का प्रस्ताव में कोविड-19 महामारी पर पारदर्शिता तय करने की कोशिशों पर था।












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