Tariffs Policy: चीन ने अमेरिकी टैरिफ खतरों से निपटने के लिए उठाए नए कदम, यहां जानें उपायों में क्या है खास?
चीन अमेरिका में आने वाले ट्रंंप प्रशासन द्वारा लगाए जाने वाले संभावित टैरिफ वृद्धि का मुकाबला करने की तैयारी कर रहा है। गुरुवार को, चीन ने अपने निर्यात क्षेत्र को "अनुचित विदेशी व्यापार प्रतिबंधों" के खिलाफ समर्थन देने और अपने निर्यात के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए नीतिगत उपायों की घोषणा की।
ये कदम विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के जवाब में उठाए गए हैं, जिनमें चीनी निर्यात पर 60% तक टैरिफ बढ़ाने की बात कही गई थी।

नए नीतिगत उपाय: क्या है खास?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इन नीतियों को लागू करने का उद्देश्य "विदेशी व्यापार के स्थिर विकास को बनाए रखना" बताया है। नीतियों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं...
- निर्यात क्रेडिट बीमा का विस्तार: चीन उन उद्यमों को सुरक्षा देगा, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सक्रिय हैं।
- वित्तीय सहायता में वृद्धि: निर्यातकों को अधिक लोन और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- सीमा पार ई-कॉमर्स का समर्थन: ऑनलाइन व्यापार को बढ़ावा देकर वैश्विक ग्राहकों तक आसानी से पहुंचने की सुविधा दी जाएगी।
- आयात-निर्यात में संतुलन: विशेष कृषि उत्पादों और ऊर्जा संसाधनों के आयात-निर्यात को प्राथमिकता दी जाएगी।
- वीजा-मुक्त यात्रा का विस्तार: कर्मियों के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान को सरल बनाने के लिए नए तंत्र विकसित किए जाएंगे।
टैरिफ विवाद का असर?
चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव लंबे समय से जारी है। 2022 में, चीन ने अमेरिका को लगभग USD 427.2 बिलियन का निर्यात किया, जबकि आयात मात्र USD 147.8 बिलियन का था। चीन ने अमेरिकी टैरिफ का मुकाबला करने के लिए अपने उत्पादों पर प्रतिशोधात्मक टैरिफ भी लगाए हैं।
चीनी अर्थव्यवस्था को क्यों है निर्यात पर निर्भरता?
- चीन की अर्थव्यवस्था के लिए निर्यात बेहद अहम है। हालांकि, घरेलू खपत और आवास क्षेत्र में मंदी ने आर्थिक विकास में रुकावटें पैदा की हैं।
- निर्यात के जरिए चीन अपने आर्थिक सुधार की गति बनाए रखना चाहता है। वैश्विक टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं से निपटना चीन के लिए चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
ट्रंप की धमकियों का जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी निर्यात पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी देकर बीजिंग को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की ये नीतियां न केवल अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करेंगी, बल्कि अन्य देशों के व्यापारिक अवरोधों से भी निपटने में मदद करेंगी। पिनपॉइंट एसेट मैनेजमेंट के अध्यक्ष झांग झिहवेई ने कहा कि यह कदम वैश्विक व्यापार तनाव के दौर में चीन की सक्रियता को दर्शाता है।
चीन द्वारा उठाए गए ये कदम यह स्पष्ट करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए तैयार है। अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापारिक तनाव के बावजूद, चीन की प्राथमिकता अपने निर्यातकों को सुरक्षा और समर्थन प्रदान करना है।












Click it and Unblock the Notifications