नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी में फूट के आसार, शुक्रवार को तय होगा PM ओली का राजनीतिक भविष्य
नई दिल्ली। नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के भीतर पैदा हुए मतभेद के खत्म होने के आसार कम हो गए हैं। प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड के बीच सप्ताह भर में आधा दर्जन से अधिक बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन पार्टी में कोई आम सहमति नहीं बन सकी है।

गौरतलब है बुधवार को एनसीपी की 45 सदस्यीय स्थायी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई। यह लगातार चौथा मौका था जब पार्टी की बैठक टाल दी गई थी ताकि पार्टी के दो अध्यक्षों को मतभेदों को दूर करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उम्मीद की जा रही है कि 68 वर्षीय ओली के राजनीतिक भविष्य के बारे में शुक्रवार को स्थायी समिति की बैठक के दौरान फैसला किया जा सकता है।

इस बीच नेपाल में चीनी राजदूत होउ यान्की की सक्रियता बढ़ गई है ताकि ओली की कुर्सी को बचाया जा सके। उधर, प्रचंड खेमे को वरिष्ठ नेताओं और पूर्व प्रधानमंत्रियों माधव कुमार नेपाल और झालानाथ खनल का समर्थन हासिल है। यह खेमा ओली के इस्तीफे की मांग कर रहा है और उसका कहना है कि ओली की हालिया भारत विरोधी टिप्पणी न तो राजनीतिक रूप से सही थी और न ही राजनयिक रूप से उचित थी।

उल्लेखनीय है नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दो धड़ों के बीच मतभेद उस समय बढ़ गया था जब प्रधानमंत्री ओली ने एकतरफा फैसला करते हुए संसद के बजट सत्र का समय से पहले ही सत्रावसान करने का फैसला किया। इस बीच विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्देश नहीं देने के संबंध में प्रचंड के साथ समझौता होने के बावजूद बुधवार को देश भर में ओली के समर्थन में छिटपुट प्रदर्शन हुए थे।












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