कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने बढ़ाई कोरोना वॉरियर्स की सैलरी, तय हुआ 4 बिलियन डॉलर का बजट
ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि उनकी सरकार ने सभी प्रांतों के साथ एक समझौता किया है। इसके बाद सभी प्रांत इस बात पर रजामंद हुए हैं कि के ऐसे लोग जो देश में कोरोना वायरस महामारी के दौरान देश और मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं और जो अस्पतालों में तैनात हैं, उनकी सैलरी में इजाफा किया जाएगा। इस बढ़ी हुई सैलरी का जो बोझ होगा उसे प्रांतीय सरकार और सभी क्षेत्रों की तरफ से उठाया जाएगा। कनाडा की सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में किया है जब देश में बेरोजगारी 40 सालों में सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुकी है।

अपनी जान खतरे में डालकर कर रहे सेवा
ट्रूडो सरकार ने इसके लिए चार बिलियन डॉलर का बजट तय किया है। सरकार का मानना है कि कोरोना वर्कर्स इन दिनों असाधारण काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें बहुत कम मेहनताना मिल रहा है। ट्रूडो ने कहा, 'अगर आप अपने स्वास्थ्य को खतरे में डालकर इस देश को आगे बढ़ा रहे हैं और बहुत कम मेहनताना कमा रहे हैं तो आप वाकई में बढ़ोतरी के हकदार हैं। कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद से अब तक कनाडा में अब तक 30 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। यह बात पिछले दिनों आई स्टैटिस्टिक्स कनाडा की रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च की तुलना में अप्रैल में करीब दोगुना लोग बेरोजगार हुए। मार्च में कनाडा में 10 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरी छूटी थी। अप्रैल में करीब 20 लाख लोग बेरोजगार हो गए। इसके साथ ही कनाडा में बेरोजगारी की दर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 13 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो दिसंबर 1982 से अब तक दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने कहा कि 11 लाख लोग ऐसे थे जो महामारी के कारण कंपनियों के बंद होने से काम नहीं कर पाए और जिन्होंने दूसरा काम ढूंढना बंद कर दिया।












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