Canada: भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले जस्टिन ट्रूडो को विपक्षी नेता ने कहा सनकी, संसद से निकाले गये बाहर
Canada News: भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले जस्टिन ट्रूडो को लेकर कनाडाई संसद में बवाल मच गया है और कनाडाई विपक्ष के नेता पियरे पोइलिव ने उन्हें 'सनकी' कहा, जिसके बाद उन्हें देश के संसद, जिसे हाउस ऑफ कॉमन्स कहा जाता है, उससे बाहर निकाल दिया गया।
कनाडा में अगले साल लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं, लिहाजा देश में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ा हुआ है और अभी तक जो भी ओपिनियन पोल्स कराए गये हैं, उनमें विपक्षी दक्षिणपंथी कंजर्वेटिव पार्टी, जिसके नेता पियरे पोइलिव्रे हैं, वो काफी आगे चल रही है।

कंजर्वेटिव पार्टी को ओपिनयन पोल्स में मिल रही भारी बढ़त ने जस्टिन ट्रूडो को परेशान कर रखा है और यही वजह है, किसी भी तरह से सरकार बनाने के लिए वो खालिस्तान समर्थकों का समर्थन हासिल करने में जुटे हैं और भारत के खिलाफ आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जस्टिन ट्रूडो भाग ले रहे हैं। एक दिन पहले ही जस्टिन ट्रूडो के सामने 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए गये हैं।
जस्टिन ट्रूडो को क्यों कहा सनकी?
कनाडाई संसद में बहस उस वक्त शुरू हुई, जब विपक्ष के नेता पोइलिव्रे ने नशीली दवाओं पर रोक लगाने से इनकार करने पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की आलोचना की। दरअसल, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 22 साल के एक युवक की नशीली दवाओं के ओवरडोज से मौत गई और विपक्ष का कहना है, कि सरकार नशीली दवाओं की बिक्री को प्रतिबंधित करे।
लेकिन, जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। लिहाजा, विपक्ष के नेता पोइलिव्रे ने संसद में कहा, कि "ऐसी दवाओं का खुलेआम हमारे अस्पतालों और हमारे सार्वजनिक परिवहन में बिकना, लोगों को मारने का रास्ता खोल रहा है। हम प्रतिबंध कब लगाएंगे, आइये इस निरर्थक प्रधान मंत्री की इस निरर्थक नीति को समाप्त करें?" इसी दौरान पोइलिवरे ने जस्टिन ट्रूडो को 'सनकी' भी कहा।
हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों ने पोइलिवरे की टिप्पणियों की सराहना की, लेकिन हाउस स्पीकर ग्रेग फर्गस ने विपक्षी पोइलिव्रे से कहा, कि उनकी टिप्पणी असंसदीय और अस्वीकार्य है और उन्हें ये टिप्पणी वापस लेनी चाहिए, लेकिन पोइलिवरे ने यह कहते हुए मना कर दिया, कि इसके बजाय वह चरमपंथी या कट्टरपंथी शब्द का उपयोग करेंगे।
जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें संसद से बाहर निकाल दिया।
अपने सांसदों के साथ सदन से बाहर निकले पोइलिव्रे ने बाद में ड्रग्स को लेकर प्रधानमंत्री ट्रूडो के रुख पर अपना हमला दोहराया। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "यह एक निरर्थक प्रधानमंत्री की एक निरर्थक नीति है जो जिंदगियों को नष्ट कर रही है।"
वहीं, पोइलिव्रे को सदन से बाहर निकाले जाने के बाद ट्रूडो ने कहा, "अध्यक्ष महोदय, विपक्षी नेता ने जो किया है, वो शर्मनाक और रीढ़विहीन नेतृत्व कैसा दिखता है, इसका नमूना है। वह सक्रिय रूप से उन सदस्यों का समर्थन हासिल करने के लिए श्वेत राष्ट्रवादियों से हाथ मिला रहे हैं।"
ट्रूडो बनाम पोइलिव्रे
आपको बता दें, कि जस्टिन ट्रूडो और विपक्षी नेता पोइलिव्रे के बीच काफी खराब रिश्ता है और जस्टिन ट्रूडो कई बार पोइलिव्रे पर चरमपंथी होने का आरोप भी लगा चुके हैं। ट्रूडो का कहना है, कि पोइलिव्रे भी डोनाल्ड ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' जैसे नारों के समर्थक हैं। ट्रूडो ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए पोइलिव्रे पर धुर दक्षिणपंथी समूहों के साथ समय बिताने का आरोप लगाया था।
ट्रूडो ने कहा, कि "यह जिम्मेदार नेतृत्व नहीं है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है, यह कनाडाई लोगों के लिए खतरनाक है।"
लेकिन, कनाडा की जनता शायद जस्टिन ट्रूडो से अलग राय रखती है। कनाडा में अगला चुनाव अक्टूबर 2025 में होना है और जनता की राय के सर्वेक्षण से संकेत मिलता है, कि कंजर्वेटिव केंद्र, जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी के खिलाफ जोरदार बहुमत हासिल करने वाली है। वहीं, हालिया समय में जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानियों का समर्थन कर जो कैम्पेन चलाया है, उससे गुस्साए कनाडाई भारतीय, पोइलिवरे को एकजुट समर्थन कर सकते हैं।












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