'हम विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते', PM ट्रूडो ने फिर से भारत के साथ अच्छे रिश्तों की लगाई गुहार
भारत और कनाडा के बीच जारी विवाद के बीच एक बार फिर से कनाडाई पीएम के तेवर नरम पड़ते दिखे हैं। मंगलवार (3 अक्टूबर) को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हम विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
जस्टिन ट्रूडो ने कहा, ''कनाडा भारत के साथ विवाद नहीं बढ़ाना चाहता। वह नई दिल्ली के साथ जिम्मेदारीपूर्वक और रचनात्मक ढंग से से जुड़ना जारी रखेगा। हम भारत में कनाडाई परिवारों की मदद के लिए वहां मौजूद रहना चाहते हैं।''

इससे पहले बीते महीने के आखिर में भी ट्रूडो ने कुछ ऐसी ही बात कही थी। कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि हम भारत से अच्छे रिश्ते चाहते हैं। ट्रूडो ने भारत को उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति बताते हुए कहा था कि कनाडा और बाकी सहयोगी देशों के लिए आवश्यक है कि वो भारत से अच्छे रिश्ते रखें।
ट्रूडो की ये हालिया टिप्पणी नई दिल्ली के साथ राजनयिक विवाद के बीच आई है जो जून में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर ओटावा द्वारा एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित करने के बाद शुरू हुआ था। कनाडा के PM टूड्रो ने 18 सितंबर को संसद में भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था।
कनाडा के इस एक्शन का जवाब देते हुए भारत ने भी उनके एक डिप्लोमैट को देश छोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं भी बंद कर दी थीं।
इस बीच फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने कनाडा से उनके 41 डिप्लोमैट्स को वापस बुलाने को कहा है। इन डिप्लोमैट्स को भारत छोड़ने के लिए 10 अक्टूबर की डेडलाइन दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डेडलाइन के बाद इन 41 में से जो डिप्लोमैट भारत में रह जाएंगे, उनको मिलने वाली छूट और दूसरे फायदे बंद कर दिए जाएंगे। कनाडा के भारत में करीब 62 डिप्लोमैट्स काम करते हैं। 10 अक्टूबर के बाद देश में केवल 21 कनाडाई डिप्लोमैट्स ही बचेंगे।












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