AUKUS: चीन की बैंड बजाने वाला ऑकस क्या है? जापान को दिया गया ऑफर, कनाडा भी होना चाहता है शामिल
What is AUKUS: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने घोषणा की है, कि कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व वाले रक्षा साझेदारी संगठन AUKUS गठबंधन के दूसरे चरण में शामिल होने की संभावना तलाश रहा है। हालांकि, 2021 में बनाए गये इस गठबंधन का प्रारंभिक मकसद ऑस्ट्रेलिया के लिए परमाणु-संचालित पनडुब्बियों का निर्माण करना था।
लेकिन, अब ऑकस का विस्तार होने लहा है और इस हफ्ते, जब जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा अमेरिका के दौरे पर हैं, तो ऑकस देशों ने जापान को ऑकस गठबंधन का हिस्सा बनने का ऑफर दिया है। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर ऑकस का विस्तार क्यों हो रहा है और क्या ये इंडो-पैसिफिक का नया नाटो बनने वाला है?

कनाडा ने दिए शामिल होने के संकेत
जस्टिन ट्रूडो ने संकेत दिया है, कि कनाडा यह आकलन करेगा, कि क्या आर्कटिक में कनाडाई संप्रभुता की रक्षा करने की क्षमता बढ़ाने के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का अधिग्रहण आवश्यक है? यह घोषणा तब हुई है, जब संघीय सरकार ने अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित रक्षा नीति की समीक्षा जारी की है, जिसमें उत्तर में कनाडाई संप्रभुता की सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
रक्षा नीति समीक्षा में महत्वपूर्ण नई खर्च शामिल हैं, जिनमें पनडुब्बियों, लंबी दूरी की मिसाइलों और पूर्व चेतावनी वाले विमानों में निवेश करना शामिल है। लेकिन, जापान को ऑफर दिए जाने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री का ऑकस में शामिल होने की संभावना जताना, एक बड़े ग्रुप के निर्माण का संकेत देता है।
खासकर ऑकस का विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका वाले QUAD गठबंधन की बैठक अब करीब 10 महीने से नहीं हो पाई और आने वाले महीनों में भी क्वाड की अगली बैठक को लेकर कोई जानकारी नहीं है, लिहाजा क्वाड के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसी आशंका है, कि अमेरिका अब क्वाड को निष्क्रीय करना चाहता है।
दूसरी तरफ, भारत का रूख साफ है, कि वो किसी भी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा, जिससे संभावना यही बनती है, कि भारत ऑकस का हिस्सा नहीं बनेगा। भारत ने क्वाड को भी सैन्य गठबंधन मानने से इनकार कर दिया था।
ऑकस गठबंधन क्या है?
हाल के सालों में तीन ऐसे गठबंधन बने हैं, जिनका मुख्य मकसद चीन के प्रभाव को फैलने से रोकना है और ये तीन गठबंधन QUAD (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत), AUKUS (ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका), और CHIP-4 (जापान, कोरिया, ताइवान और अमेरिका) हैं।
इन तीनों गठबंधन की सबसे बड़ी विशेषता अमेरिका की प्रेरक शक्ति है। अमेरिका को लगभग 'विलुप्त और मृत' हो चुके QUAD को फिर से जीवंत करने के लिए भारत की जरूरत थी, लेकिन CHIP-4 गठबंधन बनाते समय अमेरिका ने काफी आसानी से भारत की अनदेखी कर दी।
यानि, हर गठबंधन को लेकर अमेरिका अपना फायदा देख रहे है। QUAD एक दशक से ज्यादा वक्त से निष्क्रिय था और भारत का, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ QUAD का हिस्सा बनने में अब कोई दिलचस्पी नहीं थी। संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की तीव्रता में धीरे-धीरे वृद्धि ने संयुक्त राज्य अमेरिका को जापान और ऑस्ट्रेलिया को बोर्ड पर लाने और भारत के साथ QUAD गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए राजी करने के लिए मजबूर किया।
लेकिन, अब जब खालिस्तान समेत कई मुद्दों पर भारत और अमेरिका आमने-सामने हैं, तो क्वाड को फिर से खामोश कर दिया गया है और ऑकस का विस्तान किया जा रहा है। ऑकस का मकसद हथियार बनाना है और फिलहाल ऑकस, ऑस्ट्रेलिया के लिए परमाणु पनडुब्बी बनाने का काम कर रहा है।












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