नई टेंशन: अमेरिका के जीवों में फैला प्लेग, कई पर्यटक स्थल बंद
नई दिल्ली, 4 अगस्त: पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है, जिसने पिछले डेढ़ साल में 42 लाख से ज्यादा लोगों की जान ली। मौजूदा वक्त में सभी देश युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम चला रहे हैं, लेकिन अभी भी महामारी की नई लहर का खतरा बना है। इस बीच अमेरिका से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां कुछ जीव प्लेग से संक्रमित पाए गए। प्लेग दुनिया की सबसे पुरानी महामारियों में से एक है।

चिपमंक्स में फैला संक्रमण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कैलिफोर्निया के साउथ लेक ताहो में चिपमंक्स नाम के जीव बीमार पड़ रहे थे। आम भाषा में आप इसे छोटी गिलहरी कह सकते हैं। वैज्ञानिकों ने जब इनके सैंपल की जांच की, तो वो हैरान रह गए। सभी में प्लेग वायरस मिला है। चिपमंक्स के अलावा चूहों के भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अगर ये वायरस इंसानों के संपर्क में आया, तो काफी नुकसान कर सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक अभी तक इंसानों में कोई मामला सामने नहीं आया है।

6 अगस्त से बंदी
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक साउथ लेक ताहो, कीवा बीच और टेलर क्रीक में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में जैसे ही प्लेग का मामला सामने आया, वहां के सभी पर्यटक स्थलों को 6 अगस्त से बंद करने का फैसला लिया गया। इसके संबंध में विस्तृत एडवाइजरी जारी कर दी गई है। मामले में कैलिफोर्निया स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि पिछले साल साउथ लेक ताहो इलाके में एक शख्स को प्लेग का संक्रमण हुआ था। ये पिछले 5 साल में पहला मामला था, लेकिन अब चिपमंक्स ने चिंता बढ़ा दी है।

क्या हैं लक्षण?
वैज्ञानिकों के मुताबिक प्लेग को दुनिया की सबसे पुरानी महामारी कहा जाता है। इसे ताऊन, ब्लैक डेथ, पेस्ट नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर ये जूहों में पास्चुरेला पेस्टिस नामक जीवाणु से उत्पन्न होता है। चूहों के जरिए ये इंसानों में भी फैल सकता है। इसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, लसीका ग्रंथियां में सूजन, निमोनिया आदि हैं। साल 1300 में ये महामारी यूरोप में काफी फैली थी। इसके अलावा 1990 के दौरान इसका आतंक अफ्रीका में देखने को मिला।
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अब इलाज संभव
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक न्यू मेक्सिको, उत्तरी एरिजोना, दक्षिणी कोलोराडो, कैलिफोर्निया, दक्षिणी ओरेगॉन और पश्चिमी नेवादा में अभी भी प्लेग के मामले देखने को मिल जाते हैं। सैकड़ों साल पहले इस महामारी ने लाखों की जानें ली थीं, लेकिन अब इसका इलाज संभव है। इसके बावजूद वो चाहते हैं कि लोगों में ये वायरस ना फैले, जिस वजह से कई जगहों को बंद किया गया है। इसके अलावा लोगों को कहा गया है कि वो अपने पालतू जानवरों को चिपमंक्स से दूर रखें।

हर साल 600 मामले
मामले में एक वैज्ञानिक ने बताया कि प्लेग का खतरा अभी भी बरकरार है। अगर ये किसी शख्स को संक्रमित कर दे, तो उसका इलाज संभव है। ऐसे मामले में मरने का खतरा 10 प्रतिशत ही रहता है। आमतौर पर दुनियाभर में एक साल में 600 प्लेग के मामले सामने आते हैं।












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