पीएम मोदी पर बनी BBC Documentary की ब्रिटिश सांसद ने की आलोचना, बॉब ब्लैकमैन ने बताया अपमानजनक
भारत सरकार ने बीबीसी के विवादित इंटरव्यू पर प्रतिबंध लगा दिया है, और भारत में यूट्यूब चैनल से भी डॉक्यूमेंट्री को हटा दिया गया है।

BBC Documentary Row: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को अपमानजनक करार दिया है। सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कड़े शब्दों में बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की निंदा की है और इसे कट्टरता से जोड़ा है।

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की आलोचना
ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को एकतरफा करार दिया और पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक करार दिया है। ब्रिटिश सांसद 25 जनवरी को कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार के 33 साल पूरे होने के अवसर पर हाउस ऑफ कॉमन्स में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उसी कार्यक्रम में उन्होंने कश्मीर में हिंदुओं के उत्पीड़न के बारे में भी बात की और उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के फैसले को सही करार दिया है। बॉब ब्लैकमैन ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा, कि "इस जगह पर मेरे जैसे बहुत कम सांसद हैं, जो आपका मामला रखते हैं।" हिंदुओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कश्मीर में हिंदू नरसंहार पर बात की और उन्होंने कहा, कि "बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बिल्कुल अपमानजनक और एक प्रोपेगेंडा है"।

गोधरा कांड का किया जिक्र
ब्रिटिश सांसद ने गुजरात दंगे पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री पर बात करते हुए कहा, कि इस डॉक्यूमेंट्री में गोधरा कांड को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा, कि जबकि जो ट्रेन हिन्दू तीर्थयात्रियों को ले जा रही थी और जिसे पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। उन्होंने कहा, कि इस तथ्य को नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, कि ट्रेन को जलाई गई है, बल्कि ये प्रचार करने की कोशिश की गई, कि ट्रेन में आग लग गई, जबकि ट्रेन में आग हिन्दुओं की हत्या की साजिश के तहत लगाई गई थी। उन्होंने कहा, कि बीबीसी कार्यक्रम की शुरुआत में इस बात को लगभग नजरअंदाज कर देता है, और फिर दावा करता है, कि सीएम नरेंद्र ने इन दंगों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया और फिर दिखाया, कि मोदी के कुछ क्लिप्स दिखाए गये हैं, जिसमें वो स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटिश सांसद ने कहा, कि उन्होंने (पीएम मोदी) कभी भी दंगों को बढ़ावा देने या प्रोत्साहित करने की कोशिश नहीं की, वह उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे।"

भारत में डॉक्यूमेंट्री पर बवाल
आपको बता दें, कि भारत सरकार ने बीबीसी के विवादित इंटरव्यू पर प्रतिबंध लगा दिया है, और भारत में यूट्यूब चैनल से भी डॉक्यूमेंट्री को हटा दिया गया है। भारत सरकार की तरफ से डॉक्यूमेंट्री को एक प्रोपेगेंडा बताकर उसकी आलोचना की गई है और कहा है, कि डॉक्यूमेंट्री में निष्पक्षता का अभाव है और ये औपनिवेषिक मानसिकता को दर्शाता है। वहीं, अमेरिका की तरफ से इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर दो बयान जारी किए गये। पहले बयान में अमेरिका की तरफ इस डॉक्यूमेंट्री पर कहा था, कि भारत के साथ उसके काफी पुराने और लोकतांत्रिक रिश्ते हैं। वहीं, दूसरे बयान में अमेरिका की तरफ से कह गया, कि वो प्रेस की स्वतंत्रता का स्मर्थन करता है।












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