चीन के नक्शेकदम पर चलेगा ब्रिटेन, अब रोज केस रिपोर्ट जारी नहीं करेगा UK, इसकी वजह भी बताई
ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कोरोना अब आम हो चुका है। यह अब पहले जैसा खतरनाक नहीं रहा। अब लोग हर दिन इसके साथ जी रहे हैं।

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ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कोरोना अब आम हो चुका है। यह अब पहले जैसा खतरनाक नहीं रहा। अब लोग हर दिन इसके साथ जी रहे हैं। नए साल से कोरोना को आम वायरल और सीजनल फ्लू की तरह ही ट्रीट किया जाएगा। हेल्थ अथॉरिटी ने यह जरूर कहा कि कोरोना की मॉनिटरिंग होती रहेगी लेकिन विभाग इसका डेटा जारी नहीं करेगा। आपको बता दें कि कोरोना डेटा जारी करने से ये पता चलता है कि किस जगह पर कितनी तेजी से कोरोना फैल रहा है।
कोरोना को हल्के में ले रहा ब्रिटेन
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के चीफ डेटा साइंटिस्ट निक वाटकिंस ने एक बयान में कहा कि अब जब टीके और चिकित्सीय सुविधा की मदद से कोरोना के साथ जिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना का अब खौफ बेहद कम हो गया है। हालांकि फिर भी अलग-अलग संकेतकों के साथ इसकी निगरानी की जाती रहेगा लेकिन इस विशिष्ट डेटा का प्रकाशन करना अब जरूरी नहीं है। ब्रिटेन यूरोप के उन शीर्ष देशों में शामिल है, जहां कोरोना के नए मामले तेजी से पांव पसार रहे हैं। बता दें कि ब्रिटेन में 17 से 23 दिसंबर के बीच रोजाना 30 हजार से भी अधिक मामले सामने आए हैं। इस दौरान लगभग 300 लोगों की मौत भी हुई है।
चीन में भी नहीं दी जाएगी डेली कोरोना रिपोर्ट
इससे पहले चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने कहा था कि वह अब कोरोना मामलों की जानकारी नहीं देगा। हेल्थ एजेंसी पिछले 3 सालों से हर दिन कोरोना केसेस की डेली रिपोर्ट जारी करती थी। इससे पहले, चीनी सरकार ने कोरोना से होने वाली मौतों की परिभाषा को बदल दिया। नए नियमों के मुताबिक चीन में अब कोरोना से हुई मौत के मामले में उनकी ही गिनती की जा रही है जहां कोविड की वजह से निमोनिया हो जाए या सांस न लेने की वजह से किसी की मौत हो जाए। कुल मिलाकर चीन ने कोरोना से होने वाली मौत की कंडीशन को इतना सीमित कर दिया है कि अब कोरोना से कागजों पर किसी की मौत ही नहीं हो रही है।












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