BRICS 2024: चीन और रूस के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की क्या है सीमा? पुतिन ने बताई हकीकत
BRICS Summit 2024: ब्रिक्स देशों के समिट को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कई बड़े दावे किए। उन्होंने समिट में ब्रिक्स देशों की अर्थवस्था की रफ्तार तेज पकड़ने की भविष्यवाणी की। पुतिन ने दावा किया कि अगले कुछ वर्षों में भारत, चीन और साऊदी अरब का अर्थवस्था के क्षेत्र में दबदबा बना रहेगा। इसके साथ चीन के साथ रूस के बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की भी पुतिन ने चर्चा की। उन्होंने बताया कि चीन के साथ रूस ने अपने कदम कुछ अहम हितों को ध्यान में रखते हुए बनाए हैं।
रूस की अध्यक्षता में इस बार कजान में 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें शामिल होने पीएम मोदी जा रहे हैं। ब्रिक्स देशों की इस अहम बैठक से पहले व्लादिमीर पुतिन ने चीन के साथ संबंधों को लेकर बड़ी बात कही है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "चीन के साथ हमारे रिश्ते एक-दूसरे के हितों को ध्यान में रखकर बने हैं...चीन, भारत, सऊदी अरब में सकारात्मक वृद्धि देखी जाएगी...ब्रिक्स के सदस्य देशों के संबंध में, उनकी अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि से उनका दबदबा बढ़ेगा। ब्रिक्स देशों के व्यापार में लगातार वृद्धि हुई है।"
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूएस को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, "...अमेरिका ने लगातार प्रतिबंध लगाकर रूस के साथ अपने रिश्ते खराब कर लिए हैं और इसका उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। पूरी दुनिया सोच रही है कि क्या डॉलर इस्तेमाल करने लायक है...यहां तक कि अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी भी उन्होंने अपना डॉलर संग्रह कम कर दिया है...अमेरिका लगभग 15 साल पीछे है, वे चीनी विकास को नहीं रोक पाएंगे।"
वहीं यूक्रेन के साथ संघर्ष को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "...रूस इसे शांतिपूर्ण तरीकों से समाप्त करने में रुचि रखता है। यह हम नहीं थे जिन्होंने बातचीत रोकी थी बल्कि यह यूक्रेनी पक्ष था,...पीएम मोदी से बातचीत के दौरान वह हर बार इस मुद्दे को उठाते हैं और अपने विचार व्यक्त करते हैं। इसके लिए हम उनके आभारी हैं...।"












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