PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक, 2019 के बाद पहली मुलाकात, जानिए क्या बात हुई?
BRICS Summit 2024: रूस के कजान शहर में ब्रिक्स समिट का आज दूसरा दिन है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। साल 2019 के बाद दोनों देशों के नेताओं की यह पहली द्विपक्षीय बैठक हुई।
ब्रिक्स की बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच ये बातचीत हुई। करीब 5 साल बाद चीन और भारत के बीच यह औपचारिक वार्ता हुई है। यह वार्ता कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर हुई सफलता से 72 घंटे से भी कम समय में हुई, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि मई 2020 से पहले की स्थिति वापस आ जाए, जब लद्दाख में गतिरोध शुरू हुआ था।

मालूम हो कि आखिरी बार पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच औपचारिक बैठक अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में हुई थी। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। जहां कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने किया ट्वीट
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "कज़ान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेगी।"
जानिए दोनों देश के बीच क्या चर्चा हुई?
भारत और चीन के बीच हुई इस द्विपक्षीय बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सहयोग बढ़ाने पर जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को संचार और सहयोग बढ़ाना चाहिए।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, "दोनों पक्षों के लिए अधिक संचार और सहयोग करना, हमारे मतभेदों और असहमतियों को उचित रूप से संभालना और एक-दूसरे की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में सुविधा प्रदान करना महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों के लिए हमारी अंतर्राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी निभाना, विकासशील देशों की ताकत और एकता को बढ़ावा देने के लिए एक उदाहरण स्थापित करना और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बहु-ध्रुवीकरण और लोकतंत्र को बढ़ावा देने में योगदान देना भी महत्वपूर्ण है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आपसे मिलकर खुशी हुई..हमारा मानना है कि भारत और चीन के संबंधों का महत्व केवल हमारे लोगों के लिए ही नहीं है लेकिन वैश्विक शांति-स्थिरता और प्रगृति के लिए भी हमारे संबंध बहुत अहम हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि, "सीमा पार पिछले 4 वर्षों में उत्पन्न हुए मुद्दों पर बनी सहमति का हम स्वागत करते हैं। सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता रहनी चाहिए। आपसी विश्वास, परस्पर आदर और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों का आधार बने आज सभी विषयों पर बात करने का अवसर मिला।"












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