ब्राजील: राष्ट्रपति बोल्सोनारो की बढ़ी मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट ने दी भ्रष्टाचार की जांच को मंजूरी
ब्रासीलिया, 03 जुलाई। ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनी से कथित तौर पर ऊंची कीमत में वैक्सीन का सौदा करने को लेकर बोल्सोनारो पर अब भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जाएगी। शुक्रवार को ब्राजील सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को झटका देते हुए वैक्सीन घोटाले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर आपराधिक जांच की स्वीकृति दे दी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस रोजा वेबर मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि राष्ट्रपति के खिलाफ जांच सीनेट समिति द्वारा समर्थित जिसने जो सरकार द्वारा कोविड -19 महामारी से निपटने की जांच कर रही है।

बता दें कि 25 जून को ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय के आयात प्रभाग के प्रमुख लुइस रिकार्डो मिरांडा और उनके सांसद भाई जिनके राष्ट्रपति जायर से करीबी संबंध थे, उन्होंने आरोपों पर सीनेट समिति के समक्ष गवाही दी थी। रिकार्डो मिरांडा ने आरोप लगाया कि वह भारत के भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ कोरोना वायरस वैक्सीन की 20 मिलियन खुराक के सौदे पर हस्ताक्षर करने के लिए अनुचित दबाव बनाया गया था। उन्होंने चालानों में अनियमितताओं की भी बात की। मिरांडा सिंगापुर स्थित एक कंपनी के साथ 45 मिलियन डॉलर के एडवांस पेमेंट में भी हेरफेर की बात कही।
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वहीं, हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता कंपनी ने बुधवार को एक बयान जारी किया और कहा कि 29 जून तक ब्राजील सरकार से कोई अग्रिम भुगतान नहीं मिला है। बता दें कि भारतीय दवा कंपनी भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' को लेकर ब्राजील सरकार के साथ हुई डील रद्द कर दी गई है। ब्राजील सरकार पर इस सौदे में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भारत बायोटेक के कोवैक्सिन की 20 मिलियन खुराक खरीदने के सौदे को निलंबित कर दिया है। दरअसल, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो पर लगे अनियमितता के आरोपों के बाद वैक्सीन के इस कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करने का फैसला किया है, जिसकी जानकारी मंगलवार को वहां के स्वास्थ्य मंत्री मार्सेलो किरोगा ने दी थी।












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