पाकिस्तान में PTI सरकार की डूबती नाव को तिनके का सहारा, जानिए किस दम पर पठानी तेवर दिखा रहे पीएम इमरान

नई दिल्ली, 24 मार्च। पाकिस्तान तहरीक- ए-इंसाफ पार्टी (Pakistan Tehreek‑e‑Insaf) की सरकार अपनी कुर्सी न छोड़ने की जिद पर अड़ी है। हालांकि विपक्षों दलों की ओर से इमरान खान सरकार (Imran Khan Government) को गिराने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। अब सेना ने भी स्पष्ट रूप से कह दिया है कि बेहतर इसी में है कि वे खुद ही कुर्सी छोड़ दें, लेकिन पीएम इमरान खान अब भी झुकने को तैयार नहीं हो रहे हैं। बुधवार को उन्होंने अपना पठानी तेवर दिखाते हुए कहा था कि वे इस्तीफा देने वाले नहीं है। लेकिन इमरान खान किस दम पर यह तेवर दिखा रहे हैं? इस तेवर के पीछे कुछ विशेष कारण हैं, जिसके चलते पाकिस्तान में विपक्षी दल एक होकर भी इमरान सरकार को नहीं गिरा पा रहे।

Imran Khan

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से स्पष्ट कह दिया है कि वे किसी भी सूरत में इस्तीफा देने वाले नहीं है। इस बात से साफ पता चलता है कि विरोध की आंधी में इमरान सरकार की डूबती नाव को कहीं तिनके का सहारा मिल गया है। शायद इसी बल पर पीएम इमरान खान अपने विपक्षियों को यह पठानी तेवर दिखा रहे हैं।

पाकिस्तान में राजनीतिक दलों की ओर से तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार के विरोध में बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। जिसके बाद पीएम इमरान खान बेचैन हो उठे। उन्होंने भारत सरकार की प्रशंसा करने के बाद पाकिस्तानी सेना को निशाने पर लिया। स्पष्ट शब्दों में कहें को इमरान खान सरकार का तख्ता पलट होते दिखाई दे रहा है। इस्लामाबाद स्थित राजनयिकों के अनुसार, कल अविश्वास प्रस्ताव पेश होना है। लेकिन नेशनल असेंबली के एक सदस्य की मृत्यु हो गई है। ऐसे में असेंबली को स्थगित कर दिया जाएगा। पाकिस्तानी संविधान के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव के तीन दिन के बाद और सात दिन से पहले मतदान होना अनिवार्य है।

बलूचिस्तान और सिंध आंदोलन पर दम भर रहे इमरान
अफगानिस्तान के साथ बलोचिस्तान और सिंध में एक संभावित राष्ट्रवादी आंदोलन भड़क रहा है। पीएम इमरान खान को इस ओर से एक आशा कि किरण नजर आ रही है। जहां से वे विपक्ष की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को कुचलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने का सपना देख रहे हैं। इस आशा में इमरान सरकार आखिरी सांस तक अपनी पार्टी की सरकार को बचाने की जुगत में लगी है। जबकि पाकिस्तान में मौजूदा स्थिति यह है कि पीटीआई नेतृत्व अपने सहयोगी दलों की नाराजगी से बेहद परेशान है। पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीई (PTI) अपने सहयोगी एमक्यूएम-पी (MQM-P) को सरकार का विरोध न करने के लिए मना रही है।

अफगानिस्तान के माममें इमरान सरकार की विफलता
अफगानिस्तान के मामले में भी इमरान खान सरकार की विफलता रही है। क्योंकि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने काबुल में वैचारिक भाइयों की लाइन को मानने से इनकार कर दिया है और इस्लामाबाद के साथ शांति के लिए मुकदमा दायर किया है। टीटीपी ने तालिबान से कहा है कि वह पाकिस्तान में टीटीपी के इसी लक्ष्य का विरोध करते हुए अफगानिस्तान में इस्लामिक अमीरात की स्थापना करके दोहरा मापदंड नहीं अपना सकता।

चीन के कर्ज में डूबा पाकिस्तान
पाकिस्तान को नया आयाम देने के वादे साथ पाकिस्तान में पीटीआई सरकार (PTI Government) बनी थी। पीएम इमरान खान ने नया पाकिस्तान बनाना का जनता से वादा किया था। इसके बावजूद पाकिस्तान में बुनियादी ढांचे का विकास होने के बजाय देश चीनी कर्ज में डूबता चला गया। पाकिस्तान में इमरान सरकार अर्थव्यवस्था सुधारने में नाकाम रही।

पाकिस्तान की राजनीतिक चुनौतियां बढ़ी
गत वर्ष 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा करने के बाद इमरान खान ने तालिबान की प्रशंसा की थी। जबकि वर्तमान में अफगानिस्तान की स्थिति के चलते पाकिस्तान के लिए अधिक चुनौतियां पैदा हुई हैं। तालिबान के विभिन्न गुट वर्तमान में कंधार में मिल रहे हैं। वहीं निकट भविष्य में पारंपरिक तालिबान नेताओं के नेटवर्क विस्तार की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।

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