पाकिस्तानी शख्स ने Whatsapp Group पर कर दी ईशनिंदा! कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा
कट्टरपंथी मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान में ईशनिंदा एक संवेदनशील मुद्दा है। इसको लेकर यहां के कड़े कानूनों ने पूरी दुनिया को चकित किया है।

Blasphemy on Whatsapp in Pakistan: पाकिस्तान के लिए ईशनिंदा पर कड़ी सजा कोई नई बात नहीं है, लेकिन कट्टरपंथी देश के नियम आश्चर्य में डालने वाले हैं। इस देश में ईशनिंदा बेहद संवेदनशील मुद्दा है। यहां इस मामले में आरोप भी शख्स के लिए घातक हो सकते हैं। कई ऐसे मामले पाकिस्तान में सामने आए जब ईशनिंदा के आरोप में भीड़ को हिंसक रूप लेते देखा गया। पिछले दिनों भारत में नूपुर शर्मा पर लगे आरोपों को लेकर भी पाकिस्तान के कई प्रमुख नेताओं आपत्ति जताई थी। वहीं अब इसी देश में महज व्हाट्सएप पर एक संदेश को ईशनिंदा मानते हुए शख्स को मौत की सजा सुनाई गई है।
मामला पश्चिमोत्तर पाकिस्तान का है। जहां पेशावर में आतंकवाद-रोधी अदालत ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने के आरोप में एक मुस्लिम व्यक्ति को दोषी ठहराया था। अदालत ने मामले में दोषी शख्स सैयद मुहम्मद जीशान को शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम और आतंकवाद विरोधी अधिनियम तहत दोषी साबित होने बाद ये आदेश जारी किया है।
पेशावर की आतंकवाद रोधी अदालत ने अपने आदेश में कहा, "हिरासत में सैयद जकाउल्लाह के बेटे सैयद मुहम्मद जीशान को दोषी ठहराया गया है और दोषी पाए जाने के बाद सजा सुनाई गई है।" इसके अलावा कोर्ट ने 23 वर्षीय जीशान पर 10 लाख 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।
जीशान आतंक रोधी अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद इस अदालत के आदेश को अपर कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। एएफपी रिपोर्ट के मुताबिक, जीशान के खिलाफ मुदकदमा दायर करने वाले सईद के वकील इबरार हुसैन ने बताया के पंजाब प्रांत के तालागंग निवासी मुहम्मद सईद ने दो साल पहले संघीय जांच एजेंसी को एक आवेदन दिया किया था, जिसमें जीशान पर एक व्हाट्सएप ग्रुप में ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद एफआईए ने जीशान के सेल फोन को जब्त कर लिया था और इसकी फोरेंसिक जांच ने उसे दोषी साबित कर दिया था।
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