बिन लादेन का परिवार प्रिंस चार्ल्स पर क्यों मेहरबान? 1.19 मिलियन डॉलर डोनेशन देने का आरोप
लंदन (यूके), 31 जुलाई: ब्रिटिश सिंहासन के उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स एक बहुत गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। उनपर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने एक ट्रस्ट के लिए 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के परिवार वालों से दान के नाम पर मोटी रकम ली थी। 73 वर्षी/ ब्रिटिश राजकुमार पर इससे पहले हाल ही में कुछ इसी तरह के और भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। उनकी संस्था पर एक सऊदी बिजनेसमैन से दान में मोटी रकम लेकर उसे ब्रिटिश नागरिकता दिए जाने के आरोप हैं, जिसमें जांच भी चल रही है।

बिन लादेन का परिवार प्रिंस चार्ल्स पर क्यों मेहरबान?
ब्रिटेन की राजगद्दी के उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स पर बहुत ही गंभीर आरोप लगे हैं। दि संडे टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस चार्ल्स ने अपने चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए अमेरिका में हुए 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के परिवार से दान के तौर पर 1.19 मिलियन डॉलर (1 मिलियन पाउंड) स्वीकार किया। हालांकि, सऊदी अरब में रहने वाले लादेन के परिवार के लोगों पर किसी तरह के गलत हरकतों में शामिल होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं है, लेकिन 73 साल के ब्रिटिश राजकुमार की धर्मार्थ संस्था पर जो आरोप लगे हैं, उससे यह आरोपों के घेरे में आ चुकी है।

अपने सलाहकारों की सलाह को भी नजरअंदाज कर दिया!
अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि प्रिंस चार्ल्स के कई सलाहकारों ने उन्हें सलाह भी दी थी कि वो आतंकवादी सरगना के परिवार के मुखिया बकर बिन लादेन और उसके भाई शाफिक (ओसामा का सौतेला भाई) से चंदा ना लें। रिपोर्ट के मुताबिक अपने ट्रस्ट के सलाहकारों की आपत्ति के बावजूद चार्ल्स 2013 में लंदन के क्लेरेंस हाउस में 76 वर्षीय बकर से मुलाकात के दौरान प्रिंस ऑफ वेल्स चैरिटेबल फंड के लिए चंदा लेने को तैयार हो गए थे। प्रिंस ऑफ वेल्स चैरिटेबल फंड के चेयरमैन इआन चेशायर ने कहा कि उस समय दान लेने के लिए पांच ट्रस्टी तैयार थे।

सऊदी बिजनेसमैन से भी मोटी रकम लेने के आरोप
प्रिंस चार्ल्स पहली बार इस तरह के विवादों में नहीं घिरे हैं। फरवरी में ब्रिटिश पुलिस ने उनसे जुड़े एक और चैरिटेबल फाउंडेशन के खिलाफ जांच शुरू की थी। उस मामले में कैश फॉर ऑनर स्कैंडल का दावा किया गया था, जिसमें एक सऊदी बिजनेसमैन के शामिल होने का आरोप है। इन आरोपों को लेकर आंतरिक जांच के बाद पिछले साल प्रिंस फाउंडेशन के हेड ने इस्तीफा भी दे दिया था। फाउंडेशन के चीफ एग्जिक्यूटिव माइकल फॉसेट तब एक सऊदी नागरिक के साथ अपने संबंधों को लेकर अखबारों के खुलासे के बाद अपनी ड्यूटी से अलग होने के लिए राजी हो गए थे।

सऊदी बिजनेसमैन से हुई थी नागरिकता की डील ?
सऊदी टाइकून महफूज मरी मुबारक बिन महफूज ने चार्ल्स की खास रुचि की वाली परियोजनाओं की बहाली के लिए बड़ी रकम दान की थी। दशकों से महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के उत्तराधिकारी के बेहद करीबी रहे फॉसेट पर आरोप है कि उसने इसके बदले महफूज को शाही सम्मान और यूके की नागरिकता दिलाने की कोशिशें की थी। हालांकि, महफूज ने कथित तौर पर किसी भी तरह के गलत काम से इनकार किया है।

इन आरोपों में भी घिरा है उनका फाउंडेशन
इंग्लैंड और वेल्स में चैरिटी का पंजीकरण और देखरेख करने वाले चैरिटी कमीशन ने नवंबर में कहा था कि इसने महफूज के चैरिटेबल ट्रस्ट से मिले दान की औपचारिक जांच शुरू की थी, जो कि प्रिंस के फाउंडेशन के लिए था। गौरतलब है कि प्रिंस का फाउंडडेशन 1986 में स्थापित हुआ था और यह चैरीटीज कमीशन से विनियमित नहीं है, बल्कि यह स्कॉटिश चैरिटी रेग्युलेटर से रजिस्टर्ड है। दिलचस्प बात ये है कि स्कॉटिश संस्था ने सितंबर में अपनी एक और अलग जांच शुरू की थी। इसमें फाउंडेशन पर एक रूसी बैंकर से कैश में दान लेने की रिपोर्ट थी, जो कि पहले मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया जा चुका था।
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