Russian Girls के चक्कर में बिल गेट्स को हुआ गुप्त रोग! Epstein Files में और भी चौंकाने वाले खुलासे
Bill Gates: दुनिया के जाने-माने अरबपति और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। दिवंगत अपराधी जेफरी एपस्टीन की हालिया रिलीज हुई 'सीक्रेट फाइल्स' ने गेट्स के निजी जीवन को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। इन दस्तावेजों में न केवल रूसी महिलाओं के साथ उनके संबंधों की बात कही गई है, बल्कि यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी पत्नी को धोखे में रखकर दवा देने की कोशिश की थी।
फाइलों के अनुसार, 18 जुलाई 2013 को एपस्टीन ने खुद को एक मेमो (नोट) भेजा था। इस मेमो में उसने बिल गेट्स के बारे में कुछ ऐसी बातें लिखीं जो अब सार्वजनिक हो गई हैं:

एपस्टीन ने दावा किया कि बिल गेट्स रूसी लड़कियों के साथ संबंध बनाने के बाद एक यौन रोग (STD) का शिकार हो गए थे। सबसे गंभीर आरोप यह है कि गेट्स ने एपस्टीन से ऐसी एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं जिन्हें वह अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स को बिना बताए दे सकें। एपस्टीन ने यह भी लिखा कि गेट्स ने उसे वे ईमेल डिलीट करने के लिए कहा था जिनमें उनके रोग, दवा की मांग और उनके निजी अंगों की जानकारी थी।
बिल गेट्स की टीम का करारा जवाब
इन आरोपों के सामने आते ही बिल गेट्स के प्रवक्ता ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। गेट्स की टीम का कहना है कि:
'ये दावे पूरी तरह से बेतुके और झूठे हैं। ये दस्तावेज केवल एपस्टीन की उस हताशा को दिखाते हैं कि वह गेट्स के साथ अपने रिश्ते को बरकरार नहीं रख पाया। वह गेट्स को फंसाने और बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था।'
ब्रिटिश राजनीति और शाही परिवार पर भी असर
सिर्फ बिल गेट्स ही नहीं, इन फाइलों ने ब्रिटेन के रसूखदार लोगों की भी नींद उड़ा दी है। फाइलों से पता चला है कि एपस्टीन ने प्रिंस एंड्रयू को एक 26 वर्षीय रूसी लड़की से मिलवाने की पेशकश की थी, जिस पर प्रिंस ने कथित तौर पर सहमति जताई थी। बिल गेट्स को 2005 में महारानी एलिजाबेथ द्वारा मानद नाइटहुड (KBE) दिया गया था। अब इन खुलासों के बाद ब्रिटेन में इस सम्मान को वापस लेने की मांग उठ सकती है।
अजीबोगरीब ईमेल और 'मॉन्स्ट्रस फन'
दस्तावेजों में पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन और एपस्टीन के बीच की बातचीत भी है। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि उसने सिएटल में बिल गेट्स के साथ "मॉन्स्ट्रस फन" (जबरदस्त मजा) किया। दिलचस्प बात यह है कि एपस्टीन ने कुछ ईमेल बिल गेट्स फाउंडेशन के नाम से भी लिखे थे, जबकि वह कभी वहां काम नहीं करता था। माना जा रहा है कि वह दूसरों की आवाज में ईमेल लिखकर लोगों को प्रभावित या ब्लैकमेल करने की कोशिश करता था।
क्या ये दावे सच हैं?
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी दावे जेफरी एपस्टीन के लिखे हुए दस्तावेजों पर आधारित हैं। एपस्टीन एक सजायाफ्ता अपराधी था जिसने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि फाइलों में नाम होने का मतलब यह नहीं है कि उस व्यक्ति ने कोई अपराध किया है। हालांकि, बिल गेट्स खुद पहले भी कह चुके हैं कि एपस्टीन से मिलना उनकी "एक बड़ी गलती" थी।









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