पाकिस्तान में आखिरकार सरकार पर फॉर्मूला बना, शहबाज और बिलावल की पार्टी में हुआ समझौता, जानें कौन क्या बनेगा?
Pakistan Government: करीब 2 हफ्तों की जद्दोजहद और कई राउंड की बातचीत के बाद आखिरकार पाकिस्तान में नई सरकार के गठन को लेकर सहमति बन गई है और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) एक नई गठबंधन सरकार बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर पहुंच गए हैं।
मंगलवार देर रात एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में, पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने बताया, कि पीएमएल-एन अध्यक्ष शहबाज शरीफ को प्रधान मंत्री की भूमिका फिर से मिलने की उम्मीद है, जबकि पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ जरदारी एक बार फिर राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार हैं।

यानि, प्रधानमंत्री का पद नवाज शरीफ की पार्टी के पास होगा, जबकि राष्ट्रपति का पद बिलावल भुट्टो की पार्टी के पास।
नई सरकार बनाने के लिए फॉर्मूला तय
बिलावल भुट्टो-जरदारी ने संसद में बहुमत हासिल करने में इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) की नाकामी का हवाला देते हुए गठबंधन की सरकार बनाने की क्षमता पर भरोसा जताया।
बिलावल भुट्टो की सरकार बनाने की घोषणा के बाद पाकिस्तान की बाजार ने उसका स्वागत किया है, क्योंकि पिछले दो हफ्तों से त्रिशंकू चुनाव परिणाम आने के बाद देश की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई थी। शहबाज शरीफ ने केंद्र में सरकार बनाने के लिए अपनी सामूहिक ताकत को रेखांकित करते हुए पीपीपी और पीएमएल-एन के बीच एकता का जिक्र किया है।
आपको बता दें, कि 8 फरवरी को हुए चुनाव में पीएमएल-एन को 75 सीटें मिलीं, जबकि पीपीपी को 54 सीटें मिलीं। इसके अतिरिक्त, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने अपनी 17 सीटों के साथ गठबंधन सरकार को समर्थन देने का वादा किया है।
इमरान खान की पीटीआई ने क्या कहा?
इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सरकार बनाने की इस फॉर्मूले की आलोचना की है और इसे 'पीडीएम 2.0' करार देकर उन पर 'जनादेश चोर' होने का आरोप लगाया है।
हालांकि, गठबंधन सरकार के निर्माण ने पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया, जिससे शासन और सहयोग के एक नए युग की नींव पड़ी है।
लेकिन पीटीआई ने आरोप लगाया है, कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, और उसके इस दावे को तब समर्थन मिला जब शनिवार को एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने चुनाव परिणामों को बदलने में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे दिया।












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