भारतीय उच्चायोग पर अंडे फेंकने वाले अंकित को मिला वीजा, मां की मौत के बाद पीएम मोदी से मांगी थी माफी
भारतीय दूतावासों और उच्यायोग के सामने प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ भारत सरकार काफी सख्त कार्रवाई कर रही है और ऐसे लोगों के भारत आने पर प्रतिबंध लगा रही है।

London protest: जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी) के संस्थापक भीम सिंह के ब्रिटेन में रहने वाले बेटे अंकित लव को अब भारत आने के लिए वीजा मिल गया है, जिसे भारत सरकार ब्लॉक कर चुकी थी।
अंकित लव, भारत आने के लिए बेताब थे, क्योंकि उनकी मां का एक हफ्ते पहले निधन हो गया था और शव जम्मू के एक अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ था। लिहाजा, अंकित ने भारत सरकार से अपने किए गये हरकतों के लिए माफी मांगी थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी चिट्ठी लिखी थी।
पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में अंकित लव ने लंदन में स्थिति भारतीय उच्चायोग के सामने प्रदर्शन में शामिल होने और अंडे फेंकने के लिए माफी मांगी थी और कहा था, कि उनसे गलती हो गई थी और वो बिना शर्त माफी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा था, कि वह अपने वीजा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वह अपनी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए भारत आ सकें।
अंकित को किया गया था ब्लैक लिस्ट
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंकित ने बताया था, कि फरवरी 2021 में लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से उन्हें "ब्लैक लिस्टेड" कर दिया गया था।
उन्होंने लंदन से फोन के माध्यम से द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था, कि "मैं अपनी मां का चेहरा देखना चाहता हूं और उन्हें आखिरी बार गले लगाना चाहता हूं।" उन्होंने कहा, कि "मेरी मां यूपी के मेरठ की एक गौड़ ब्राह्मण थीं, और उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सभ्य और सम्मानजनक अंतिम संस्कार मिलने का पूरा अधिकार है, जिसे वह अपनी अंतिम सांस तक मानती रहीं। मैं, उनका इकलौता बेटा होने के नाते, उधमपुर में पवित्र देवक नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार करना चाहता हूं, जो उनकी आखिरी इच्छा थी"।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2 मई को लिखे एक पत्र में उन्होंने लिखा था, कि "मैं, ब्रिटेन के नागरिक प्रोफेसर भीम सिंह के पुत्र अंकित लव और ब्रिटेन के रहने वाली दिवंगत एडवोकेट जय माला, यूके में भारतीय उच्चायोग पर अंडे और पत्थर फेंकने की अपनी गलती के लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं, जिसका मुझे गहरा और ईमानदारी से खेद है"।
पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में अंकित ने लिखा था, कि उसे गुमराह किया गया था और इसीलिए वो भटककर उस प्रदर्शन में शामिल हो गया था और उससे ये बड़ी गलती हो गई, जिसके लिए वो ईमानदारी से माफी मांगता है।
लव ने लिखा, कि "...मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, कि अब से मेरे देश के खिलाफ ऐसा कोई कृत्य नहीं होगा, जिससे मैं बहुत प्यार करता हूं और जिस पर मुझे बहुत गर्व है।" उसने अपनी चिट्ठी में लिखा है, कि उसके पिता भीम सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय को लेकर काफी अहम भूमिका निभाई थी।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन
आपको बता दें, कि विदेशों में भारतीय उच्चायोग के सामने प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भारत अब सख्त एक्शन ले रहा है और ऐसे लोगों के भारत आने पर प्रतिबंध लगा दिया जा रहा है।
वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, अंकित लव की मां जय माला, सुप्रीम कोर्ट की एक वरिष्ठ वकील थीं, जिनका 26 अप्रैल को निधन हो गया, और उनका शरीर तब से जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पड़ा हुआ था। हालांकि, अब अंकित लव को भारत आने का वीजा मिल गया है और उन्होंने भारत का शुक्रिया कहा है।
इससे पहले जय माला की भतीजी मृगनयनी स्लाथिया ने मांग की थी, कि जय माला का शव उन्हें सौंप दिया जाए, और तर्क दिया था, कि लव के यूके से आने की संभावना "धूमिल" है। स्लाठिया ने जय माला के भतीजे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह पर फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में पोस्टमॉर्टम करने की बात कहकर गतिरोध पैदा करने का आरोप लगाया है।
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वहीं, हर्ष देव सिंह ने कहा, कि अंकित लव ही अपनी मां का पोस्टमार्टम करवाना चाहता था। वहीं, हर्ष देव सिंह ने भी बुधवार देर रात अंकित लव से भारत आने की जिद छोड़ने और अपनी मां का शव अस्पताल से ले जाने की अनुमति देने की अपील की थी। हालांकि, अब भारत सरकार ने वीजा दे दिया है।












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