तीसरा विश्वयुद्ध करवाएंगे पुतिन के जिगरी दोस्त? कहा- रूस पर प्रतिबंध अब बर्दाश्त नहीं, भेज सकते हैं सेना
बेलारूस और रूस के बीच काफी गहरी दोस्ती है और दोनों की सीमा भी एक दूसरे से मिलती है। वहीं, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच काफी गहरी दोस्ती है।
कीव/मॉस्को, फरवरी 28: यूक्रेन युद्ध में अब बेलारूस भी शामिल हो सकता है और बेलारूस के राष्ट्रपति ने तीसरे विश्वयुद्ध की चेतावनी जारी कर दी है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि, बेलारूस सोमवार यानि आज ही यूक्रेन पर रूस के आक्रमण में शामिल होने की योजना बना रहा है। बेलारूस के रास्ते पहले ही रूसी सैनिक यूक्रेन पर हमले कर रहे हैं और रूसी टैंक्स और हथियार पहले से ही बेलारूस में तैनात हैं और इन सबके बीच बेलारूस ने अपने देश में 'न्यूक्लियर हथियारों' की तैनाती के लिए अपने संविधान में संशोधन कर दिया है।

यूक्रेन युद्ध में शामिल होगा बेलारूस!
यूक्रेनियन स्टेस सिक्योरिटी सर्विस की तरफ से जारी आधिकारिक रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद ये बड़ा खुलासा हुआ है कि, बेलारूस की तरफ से एक यूक्रेन के ज़ाइटॉमिर हवाई अड्डे पर एक रॉकेट हमला किया गया है, जो राजधानी कीव से सिर्फ 93 मील की दूरी पर स्थिति है। यूक्रेन ने कहा है कि, इस रॉकेट को बेलारूस से लांच किया गया था। वहीं, सैन्य सूत्रों ने कहा कि बेलारूसी विशेष बलों को कीव पर हवाई हमले की तैयारी के लिए हवाई जहाज पर युद्धक सामानों को लोड करते देखा गया है और अब इस बात की आशंका है, कि युद्ध का विस्तार हो सकता है।

हमले के लिए तैयार बेलारूस की सेना!
यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों को कथित तौर पर बेलारूस के भीतर से पता चला है कि 'स्पेशल ऑप्स' सैनिकों को एक बड़े हमले के लिए विमानों को लोड करते हुए देखा गया है। वाशिंगटन पोस्ट को नाम न छापने की शर्त पर, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि, 'यह बहुत स्पष्ट है [बेलारूस' राजधानी] मिन्स्क अब क्रेमलिन का विस्तार है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी ने इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया, कि कितने सैनिक गैं और उन्हें कहां तैनात किया जाएगा। दरअसल, रूसी सेना को यूक्रेन के रक्षकों से मजबूत प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है, और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रूस ने हमले को लेकर जो सोचा था, वो कामयाब नहीं हो पा रहा है, लिहाजा युद्ध को अपने अनुकूल बदलने के लिए अब रूस अपनी रणनीति बदल सकत है।

पुतिन के गहरे मित्र हैं बेलारूसी राष्ट्रपति
आपको बता दें कि, बेलारूस और रूस के बीच काफी गहरी दोस्ती है और दोनों की सीमा भी एक दूसरे से मिलती है। वहीं, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच काफी गहरी दोस्ती है और कहा जाता है कि, बेलारूस वही करता है, जो रूस कहता है और इस युद्घ में भी बेलारूस ने रूसी सैनिकों को अपने देश से यूक्रेन पर हमला करने की इजाजत दी है। लेकिन, अगर बेलारूस अपने सैनिकों को युद्ध में शामिल करता है, तो फिर युद्ध में तीसरे देश की एंट्री हो जाएगी और फिर दुनिया मे तबाही मचाने वाले तीसरे विश्वयुद्ध की शुरूआत हो सकती है।

रूस-यूक्रेन बातचीत पर नजर
अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि, बेलारूस फिलहाल यूक्रेन और रूस के बीच होन वाली प्रस्तावित बैठक से निकले नतीजों का इंतजार कर रहा है और बेलारूस इस युद्ध में शामिल होगा या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करता है, कि यूक्रेन-रूस के बीच होने वाली बातचीत से क्या नतीजा निकलता है। व्लादिमीर पुतिन द्वारा अपने परमाणु फोर्स को 'अलर्ट' पर रखने के बाद बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको ने रविवार रात एक भयावह धमकी जारी की है और कहा है कि, रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों ने जितने सख्त प्रतिबंध लगाए हैं, वो दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की तरफ धकेल रहे हैं।

‘बातचीत से नतीजा निकलने की उम्मीद कम’
बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको की धमकी तब आई है, जब कीव और मॉस्को बेलारूस के साथ सीमा पर शांति वार्ता करने के लिए सहमत हुए हैं, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि, उन्हें सकारात्मक नतीजा निकलने का भरोसा नहीं है, लेकिन वो अपने लोगों के लिए एक बार फिर से कोशिश करना चाहते हैं। वहीं, बेलारूस में सेना का जंग के लिए तैयार होना भी शांति वार्ता पर विपरीत असर डाल सकता है। वहीं, रविवार शाम यूरोपीय संघ ने पुतिन के शासन के खिलाफ और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है और सभी रूसी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। वहीं, रूस को अंतर्राष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम स्विफ्ट से भी बाहर कर दिया गया है।

तीसरे विश्वयुद्ध की धमकी
बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको ने कहा कि, 'अब बैंकिंग सेक्टर, गैस, ऑयल, स्विफ्ट के खिलाफ काफी बातें हो रही हैं और यह युद्ध से भी बदतर है। यह रूस को तीसरे विश्व युद्ध की तरफ धकेल रहा है। हमें यहां संयमित रहने की जरूरत है ताकि परेशानी में न पड़ें। क्योंकि परमाणु युद्ध हर चीज का अंत है।' वहीं, यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि रूस के आक्रमण की शुरुआत से अब तक 14 बच्चों सहित 352 नागरिक मारे गए हैं। इसने यह भी कहा कि 116 बच्चों सहित 1,684 लोग घायल हुए हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के कार्यालय ने पहले कहा था कि, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल चेरनोबिल के उत्तर में पिपरियात नदी के पास 'बिना किसी शर्त के' मिलेंगे, और बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको फोन कॉल के जरिए मध्यस्थता करेंगे। वहीं, बेलारूस के एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि, राष्ट्रपति लुकाशेंको ने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली है, कि बेलारूसी क्षेत्र में तैनात सभी विमान, हेलीकॉप्टर और मिसाइल यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा, वार्ता और वापसी के दौरान जमीन पर बने रहें।

बेलारूस पर यूक्रेन को कितना भरोसा?
हालांकि, बेलारूस इस बातचीत की मध्यस्थता कर रहा है लेकिन, सवाल ये है कि, आखिर यूक्रेन को बेलारूस पर कितना यकीन है? ये सवाल इसलिए है... क्योंकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने लुकाशेंको के साथ अपनी चर्चा को 'बहुत ही महत्वपूर्ण' बताया, उन्होंने कहा कि, उन्होंने बेलारूस के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वह नहीं चाहते थे कि सेना बेलारूस से यूक्रेन की तरफ बढ़े और लुकाशेंको ने 'उन्हें इस बारे में आश्वासन दिया'। लेकिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि, 'मैं वास्तव में इस बैठक के नतीजे में विश्वास नहीं करता, लेकिन उन्हें कोशिश करने दो, ताकि बाद में यूक्रेन के एक भी नागरिक को कोई संदेह न हो कि मैंने राष्ट्रपति के रूप में युद्ध को रोकने की कोशिश नहीं की।'

रूस ने ‘परमाणु बलों’ को एक्टिवेट किया
यूक्रेन युद्ध में पिछले 24 घंटों में सबसे बड़ी घटनाक्रम ये है, कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने रक्षा प्रमुखों से देश के परमाणु "प्रतिरोध बलों" को हाई अलर्ट पर रखने के लिए कहा है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, "मैं रक्षा मंत्री और रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख को रूसी सेना के 'डेटरेंस फोर्स' को स्पेशल मोड पर डालने का निर्देश देता हूं।'' रूसी राष्ट्रपति पुतिन पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गये काफी कड़े प्रतिबंधों से काफी बौखलाए नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा कि, 'आप देख रहे हैं कि, पश्चिमी देश ने केवल आर्थिक तौर पर बल्कि, हमारे देश के लिए दुश्मन हैं, मेरा मतलब नाजायज प्रतिबंधों से है'।

प्रतिबंधों से बौखलाए पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की टिप्पणी यूक्रेन युद्ध को लेकर पिछले कुछ दिनों में दुनिया भर के देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद आई है। देश के सबसे बड़े बैंकों पर प्रतिबंध से लेकर पुतिन की संपत्ति की कुर्की तक की गई है। वहीं, बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच क्रेमलिन के खिलाफ कई दंडात्मक उपाय किए गए हैं। रूस के तमाम बड़े बैंको पर अत्यंत सख्त प्रतिबंध लगाए गये हैं, जिससे रूस की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।












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