डिजिटल क्‍लॉक बनाने वाले अहमद को स्‍कूल ने समझा आतंकी, ओबामा ने भेजा इनवाइट

वाशिंगटन। अमेरिका के टेक्‍सास के एक स्‍कूल ने 14 वर्ष के छात्र अहमद मोहम्‍मद को सिर्फ इसलिए हथकड़‍ियां पहना दीं, क्‍योंकि वह मुस्लिम था और उसने घर में एक डिजिटल क्‍लॉक बनाई थी। अब अहमद को राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने व्‍हाइट हाउस आने का इनवाइट भेजा है। अहमद ने भी इस इनवाइट को स्‍वीकार कर लिया है और जल्‍द ही वह व्‍हाइट हाउस जाएगा।

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ओबामा को देनी पड़ी सफाई

अहमद की गिरफ्तारी के बाद पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया है। फेसबुक से लेकर ट्विटर तक पर उसके समर्थन में आवाज उठ रही है। इस हंगामे को देख अमेरिका राष्‍ट्रपति ओबामा को भी आगे आना पड़ा। उन्‍हें इस बात का स्‍पष्‍टीकरण देना पड़ गया कि जो कुछ टेक्‍सास में हुआ वह अमेरिका की सोच नहीं है।

इसके बाद ओबामा ने ट्ववीट किया, 'बहुत शानदार घड़ी है अहमद। क्या उसे लेकर व्हाइट हाउस आना चाहोगे? हमें दूसरे बच्चों को भी तुम्हारी तरह विज्ञान में रूचि बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। ऐसी ही बातों से अमे‍रिका महान बनता है।'

अमेरिका में नस्‍लवाद का सुबूत

अमेरिका की इस घटना ने वहां पर मौजूद नस्‍लवाद और लोगों में इस्‍लाम के प्रति नफरत का एक उदाहरण पेश किया है। कई लोग इस बात को मान रहे हैं कि अहमद को इसलिए शक की नजर से देखा गया क्‍योंकि वह एक एक मुसलमान है।

टेक्‍सास की पुलिस को मीडिया के सामने आना पड़ा और बयान देना पड़ा। पुलिस की मानें तो उसे कोई भी ऐसा सुबूत नहीं मिला है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि अहमद का इरादा दहशत फैलाना था।

क्‍या है पूरी घटना

जब अहमद से इस पूरी घटना के बारे में पूछा गया तो उसने मुस्‍कुराते हुए बस इतना कहा कि मैं वहीं अहमद हूं जो सिर्फ एक क्‍लॉक की वजह से इतनी बड़ी मुसीबत में पड़ गया है।

अहमद ने मैकार्थर हाई स्कूल में कुछ ही दिन पहले दाखिला लिया था। विज्ञान और टेक्नॉलॉजी में इंट्रेस्‍ट की वजह से उसने घर पर एक डिजिटल क्‍लॉक बनार्इ। अहमद ने एक सर्किट बोर्ड के जरिए एक डिजिटल क्‍लॉक बनाई, उसे एक पेंसिल बॉक्स में फिट किया और स्कूल में अपने टीचर को दिखाया।

टीचर ने उस घड़ी की तारीफ तो की लेकिन साथ ही उसे कहा कि अहमद इस घड़ी को किसी और को न दिखाए। लेकिन क्‍लास में घड़ी का बीपर बज उठा और उसे अपने टीचर को वो घड़ी दिखानी पड़ी।

टीचर ने कहा कि घड़ी एक बम की तरह दिख रही है और फिर घड़ी अपने पास रख ली। कुछ देर के बाद उसे एक कमरे में ले जाया गया जहां उसके अनुसार पांच-छह पुलिसवाले मौजूद थे और उन्होंने उसके सामान की पूरी तलाशी ली।

जुकेरबर्ग ने भी बजाई ता‍ली

इस खबर के बाद ट्विटर पर #Istandwithahmed ट्रेंड होने लगा। मार्क जुकरबर्ग ने लिखा, 'अहमद तुम्‍हारी तारीफ की जानी चाहिए न कि सजा दी जानी चाहिए।' जुकरबर्ग के मुताबिक आगे का समय अहमद जैसे लोगों का है। अगर अहमद कभी फेसबुक हेडक्‍वार्टर आना चाहे तो उससे मिलकर जुकरबर्ग को काफी खुशी होगी। राष्‍ट्रपति पद की उम्‍मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने भी अहमद को सपोर्ट किया है।

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