पिछले एक सप्ताह से क्यों सुलग रहा है बांग्लादेश
ढाका। पिछले माह 29 जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बस कुछ स्टूडेंट को कूचल कर चली गई और उसके बाद मौके पर ही 2 स्टूडेंट्स की मौत हो गई। इस एक्सीडेंट में कई स्टूडेंट घायल भी हुए, जिसके बाद ढाका में सैकड़ों स्टूडेंट्स न्याय की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरते हैं। इस घटना को अब एक सप्ताह से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन बांग्लादेश में दिन-ब-दिन स्टूडेंट का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। पूरे बांग्लादेश में हजारों की संख्या में स्टूडेंट 'सड़क सुरक्षा' की लेकर पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं और अब यह प्रदर्शन हिंसक हो चुका है। हिसंक होते आंदोलन को देखते हुए, सरकार ने बांग्लादेश के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया है।
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सरकार मांगों को सिरियसली नहीं ले रही
प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स की डिमांड है कि सरकार उन स्टूडेंट्स को जल्द से जल्द न्याय दिलाएं, जिनकी पिछले माह सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। न्यूज एजेंसी एफपी से बात करते हुए इमरान अहमद नाम के स्टूडेंट ने कहा कि उनको (सरकार) हमारी डिमांड को सिरियसली लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने हमें लगातार नजरअंदाज किया। इस बीच सरकार के एक मंत्री ने इस प्रदर्शन को 'पाखंड' बताया है, जिसके स्टूडेंट्स का गुस्सा और ज्यादा उग्र हो गया है।

स्टूडेंट्स खुद बसों को रुकवाकर मांग रहे हैं लाइसेंस
सूत्रों के मुताबिक, स्टूडेंट्स खुद ही बसों को रुकवाकर बसों के नंबर प्लेट देख रहे हैं और ड्राइवरों से उनके लाइंसेस दिखाने के लिए कह रहे हैं। इस आंदोलन में ज्यादातर हाई स्कूल के बच्चे है, जिनकी मांग है कि वे सड़कों पर बिना लाइसेंस की बसों को देखने ही नहीं चाहते हैं। इस बीच प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स और आम लोगों के बीच हिंसा भी हुई है और कई वाहनों को भी जला दिया गया है।

सरकार के बयानों से उग्र हो रहा आंदोलन
उग्र होते प्रदर्शन के बाद सरकार ने सड़क सुरक्षा का आश्वासन दिया है। बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुजमान खान ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा अभियान शुरू करेगी। हालांकि, सरकार के मंत्रियों के बयान से स्टूडेंट काफी नाराज है। शेख हसीना सरकार के मंत्री शाहजाह खान ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि हाल ही में भारत में एक बस दुर्घटना में 33 लोगों की मौत हो गई थी, उस पर क्यों कोई कुछ नहीं बोलता है। बता दें कि जहाजों, राजमार्गों और रेलमार्गों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय समिति के अनुसार, 2017 में बांग्लादेश में 3,472 यातायात दुर्घटनाओं में 539 बच्चों सहित 4,289 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 9,112 लोग घायल हो गए।
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