Sheikh Hasina दोषी करार, ICT ने सुनाई फांसी की सजा, देश मे ंतनाव
Sheikh Hasina verdict: बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में आज पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर कथित आरोपों पर फैसला सुनाया जा रहा है, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध का दोषी ठहराया है। महीनों तक चले मुकदमे में उन्हें पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह पर घातक कार्रवाई का आदेश देने का दोषी पाया गया है इसलिए उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है।

आपको बता दें कि देश में इस फैसले से पहले ही भारी तनाव है। राजधानी ढाका में भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है और पुलिस को हिंसक प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलाने का आदेश दिया गया है। देशभर में बसों और कारों को आग लगाने, कॉकटेल बम फेंकने और सड़क जाम करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद सेना, पुलिस और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को तैनात किया गया है।
Bangladesh political crisis: फैसले से पहले फटे बम
बांग्लादेश में स्थिति एक बार फिर बिगड़ गई है, खासकर राजधानी ढाका में। शेख हसीना के खिलाफ फैसले से पहले, शहर के कई इलाकों में बसों और कारों में आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने कॉकटेल बम भी फेंके और प्रमुख सड़कों को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। इन हिंसक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सेना, पुलिस और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का आदेश
ढाका में बिगड़ते हालात के मद्देनजर, पुलिस को हिंसक प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलाने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) आयुक्त एसएम सज्जात अली ने वायरलेस पर संदेश भेजकर यह निर्देश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि जो कोई बसों में आग लगाए या जान से मारने के इरादे से देसी बम फेंके, उसे मौके पर ही गोली मार दी जानी चाहिए, क्योंकि कानून में इसका अधिकार स्पष्ट रूप से दिया गया है।
मौत की सजा देने की मांग
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) आज 78 वर्षीय शेख हसीना के खिलाफ फैसला सुनाएगा। यह सुनवाई उनकी गैरमौजूदगी में हुई थी, और अभियोजक गाजी MH तमीम ने अदालत से हसीना को अधिकतम सजा, यानी मौत की सजा देने का अनुरोध किया है। तमीम ने यह भी मांग की है कि दोषियों की संपत्ति जब्त कर उसे पिछले साल के प्रदर्शनों में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों में वितरित किया जाए। कानून के मुताबिक, हसीना तब तक उच्चतम न्यायालय में अपील नहीं कर सकतीं जब तक वह आत्मसमर्पण न कर दें या गिरफ्तार न हो जाएं।
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शेख हसीना के बेटे की चेतावनी
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने रविवार को चेतावनी दी कि यदि उनकी पार्टी पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों को हर हाल में रोका जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि विरोध प्रदर्शन और उग्र हो सकते हैं और देश में हिंसा बढ़ सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ढाका की अदालत शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों पर आज टीवी पर लाइव फैसला सुनाने वाली है, जिससे राजनीतिक माहौल बेहद गर्म है।












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